सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ ही तटवर्ती इलाकों में कटान ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। सहबदिया, बरामदपुर, हाजीपुर गोला पुल से पूरब देवारा खास राजा गांव के सामने नदी किनारे कटान शुरू होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
नदी की तेज धारा खेतों की जमीन को लगातार अपने आगोश में ले रही है। सहबदिया गांव में गया सिंह पटेल के खेत से पूरब करीब एक किलोमीटर दूर बरामदपुर गांव के सामने तक कटान हो रही है। इस दायरे में कई किसानों के खेत कटकर नदी में समा रहे हैं।
जगदीश, श्रीबल, पुल्लू, जयसिंह, छांगुर, श्रीकिशुन और विंध्याचल सहित अन्य किसानों की जमीन कटान की चपेट में है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में कटान और तेज हो सकती है।
कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से बंबू क्रेट, गैबियन और परक्यूपाइन लगाए गए हैं। किसानों का दावा है कि ये उपाय अपेक्षित रूप से प्रभावी नहीं दिख रहे हैं। उनका कहना है कि नदी की धारा लगातार जमीन को काट रही है और बचाव कार्य के बावजूद कटान पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है।
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दोनों जगहों पर घटा नदी का जलस्तर
बदरहुआ नाले पर सोमवार शाम चार बजे जलस्तर 71.29 मीटर दर्ज किया गया था, जो मंगलवार को 15 सेंटीमीटर घटकर 71.14 मीटर हो गया। यहां का न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। वहीं डिघिया नाले पर जलस्तर 70.61 मीटर से 21 सेंटीमीटर घटकर 70.40 मीटर पहुंच गया। डिघिया नाले का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर है।
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नदी कटान रोकने के लिए लगाए गए गैबियन, बंबू क्रेट और परक्यूपाइन नदी की धारा में लांच हो रहे हैं, जो बचाव कार्य कटान रोकने में मददगार साबित हो रहे हैं।
-वीरेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड।