प्रगतिशील शायर कैफी आजमी के पैतृक गांव मेजवां स्थित कैफी आजमी गर्ल्स इंटर कॉलेज परिसर में सोमवार को बालिका सुरक्षा और शिक्षण प्रशिक्षण पर विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। इस दौरान छात्राओं ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर नाटक प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया। डीडीसी ऋतु सुहास ने कहा कि शिक्षा और अन्य क्षेत्र में लड़का लड़की के बीच भेदभाव नहीं करना चाहिए।
समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने कहा कि कैफी साहब ने मुंबई से आकर गांव का विकास किया। इसका लाभ आज गांव के लोगों को मिल रहा है। आज शबाना आजमी के माध्यम से आजमगढ़ का नाम देश दुनिया में जाना जाता है। इस गांव को मुख्यमंत्री के निर्देश पर आई स्पर्श गांव का दर्जा दिया गया है। ऐसा मौका प्रदेश के गिने चुने गांव को मिलता है।
डीडीसी ऋतु सुहास ने कहा कि बड़े ही गर्व की बात है कि गांव में बालिकाओं के शिक्षण और प्रशिक्षण पर काफी ध्यान दिया जा रहा है। शबाना आजमी ने कहा कि कैफी साहब ने गांव में जो शिक्षा का चिराग जलाया है, वह हमेशा जलता रहे। यह यहां के लोगों की जिम्मेदारी है।
इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक की ओर से स्कूल को 40 सीट वाला स्कूल बस और हीरो कंपनी की तरफ से 50 साइकल छात्राओं के लिए प्रदान की गई। पीपुल्स एक्शन फार नेशनल इंट्रीगेशन पानी संस्था ने स्कूल की एक सौ छात्राओं को पांच-पांच हजार प्रोत्साहन राशि प्रदान किया।
यूनियन बैंक आफ इंडिया की तरफ से छात्राओं को एक लाख सत्तर हजार मूल्य की पुस्तकें दी गईं। ब्लॉक द्वारा गांव में 43 शौचालय स्वीकृत किए गए। संचालन जितेंद्र मिश्रा ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी सुहास एलवाई, शबाना आजमी, डीडीसी ऋतु सुहास, बाबा आजमी और तन्वी आजमी ने मरहूम शायर कैफी आजमी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया।
इस मौके पर आसुका, शेख समीना आजमी, मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र वर्मा, उपजिलाधिकारी अमृत लाल बिंद, बीडीओ लालजीत पटेल, मुख्य प्रबंधक यूबीआई मनोज कुमार, डीजीएम एसबीआई पी लाला, परियोजना अधिकारी शिवकुमार पांडेय, डीपीआरओ उमाकांत पांडेय आदि उपस्थित थे।