राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज देवगांव में रविवार से शुरू हुई कार्यशाला का उदघाटन प्रो. डीके सिंह ने किया। इस दौरान उन्होंने अथितियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उदघाटन सत्र में कहा कि इंजीनियरों को अर्जित ज्ञान समाज कल्याण में इस्तेमाल करने की आवश्यकता है।
नवाचार के माध्यम से लक्ष्य को आसानी से साधा जा सकता है। नवाचार के लिए भावनात्मक बुद्धिमता के साथ-साथ कार्यकुशलता भी होना जरूरी है।इलाहाबाद विश्वविद्यालय की प्रो. डॉ शेफाली नंदन ने उधमिता और महिलाओं की भूमिका विषय पर अपने विचार रखे। कहा कि उधमी को पूरी कर्मठता और ईमानदारी से अपने लक्ष्य को साधने के लिए सतत् प्रयत्न करना चाहिए। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के डॉ. तनुज नंदन ने नवाचार और डिजाइन इन्क्यूबेशन विषय पर अपने विचार रखे। बताया कि सफलता प्रबंधन का महत्वपूर्ण कारक है। नवाचार के लिए बुद्धिमता और प्रभावी प्रबंधन अतिआवश्यक है। इससे पहले कार्यक्रम का उदघाटन प्रो. डीके सिंह ने किया। आयोजन में डॉ. ज्योति प्रकाश, मृणांक पाण्डे, अविनाश मिश्रा, अमरेंद्र, सौरभ सिंह, शैलेन्द्र सोनकर, स्तुति ने साथ दिया। छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में पूरी सक्रियता के साथ डॉ. शेफ़ाली नंदन और डॉ तनुज से सवालों के माध्यम से जानकारी ली। डॉ. ज्योति प्रकाश ने धन्यवाद ज्ञापित किया।