1932 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त
निगम के आंकड़ों के अनुसार प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ अलग से कार्रवाई की गई है। वर्ष 2025-26 से बचा हुआ 2,906 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक नगर निगम के पास था। चालू वित्तीय वर्ष में 22 सितंबर तक 1,932 किलो और जब्त किया गया। इस तरह कुल स्टॉक 4,838 किलो दर्ज किया गया। सबसे अधिक जब्ती अगस्त में 859.2 किलो और जून में 625.3 किलो रही है। प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई से 3 लाख 2 हजार 900 रुपये की वसूली भी की गई है।
नगर निगम अतिक्रमण हटवाकर संबंधित थानों को सूचित कर देता है। पुलिस की भी जिम्मेदारी है कि अतिक्रमण दोबारा न लगने पाए। हालांकि नगर निगम लगातार अभियान चला रहा है। सड़कों के किनारे से अतिक्रमण हटाने के लिए फिर से सख्त अभियान चलाएंगे। - दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त
अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए सभी जोन के अधिकारियों, थानाध्यक्ष व थानाप्रभारियों को निर्देश दिए हैं। इन्हें समय पर भ्रमण कर निगरानी के लिए कहा गया है। अभियान जारी है। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई कराएंगे। - शिवहरि मीणा, अपर पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था
केस 1: नगर निगम भले ही अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का आंकड़ा तैयार किया है लेकिन मौके की स्थिति अलग है। शहर के प्रमुख लंका चौराहे के चारों ओर रास्तों पर ठेले, ऑटो, ई रिक्शा और दुकानदारों का अतिक्रमण है। पूरे दिन जाम की स्थिति रहती है। बीएचयू के मुख्य द्वार पर ही सवारियों भरी जाती हैं।
केस 2: सारनाथ स्थित रेडियो स्टेशन के फुटपाथ से बुधवार को ही अतिक्रमण हटवाया गया था लेकिन शुक्रवार से ही वहां फिर से ठेले लग गए। ठीक यही स्थिति सारनाथ, आशापुर चौराहे, पहड़िया, पांडेयपुर का है। अतिक्रमण से जाम लगा रहता है।
केस 3: कैंट स्टेशन के सामने सड़क के दोनों किनारों पर ठेले और वाहनों का कब्जा रहता है। ऑटो चालक सड़क पर खड़े होकर सवारी बैठाते हैं। रोडवेज बसें भी सड़क पर ही खड़ी रहती हैं। कई बार अतिक्रमण हटवाया गया। नगर निगम के साथ ही पुलिस अधिकारी पहुंचे लेकिन कोई समस्या का स्थायी समाधान नहीं मिल सका। अतिक्रमण और जाम की समस्या बनी हुई है। इससे यात्रियों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।