विवेचना के दौरान पता चला कि घटना में शामिल बदमाश अन्तरजनपदीय गिरोह के सदस्य हैं, जो आजमगढ़, गाजीपुर व आसपास के जिलों में चोरी, लूट और छिनैती की घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। 30 मार्च की देर रात कंधरापुर पुलिस संदिग्ध वाहन व व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान सूचना मिली कि बदमाश मोटरसाइकिल से किशुनदासपुर से कम्हेनपुर की ओर आ रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने चन्द्रमा ऋषि आश्रम के पास पुलिया के पास घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की। कुछ देर बाद मोटरसाइकिल से आ रहे संदिग्धों ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन बाइक फिसलकर गड्ढे में गिर गई।
खुद को घिरता देख बदमाशों ने झाड़ियों की आड़ लेकर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन फायरिंग जारी रहने पर आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें दो बदमाशों के पैर में गोली लग गई। दोनों को मौके पर गिरफ्तार कर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवम साहनी उर्फ अनुराग और राज निषाद निवासी राहुल नगर मड्या के रूप में हुई है, जबकि उनका साथी छोटू सिंह निवासी गाजीपुर भाग निकला है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 26 मार्च को भंवरनाथ क्षेत्र में महिला से सोने की चेन छीनी थी और वे फिर से किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की सक्रियता से पकड़े गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।