पुलिस ने खंडहर को घेर लिया, तभी रोहित ने पुलिस पर फायरिंग की, जो प्रभारी निरीक्षक के दाहिने कान के पास से निकली। आत्मरक्षा में पुलिस की नियंत्रित फायरिंग में रोहित के दाहिने पैर में गोली लगी। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तहबरपुर भेजा गया।
उसके कब्जे से एक देशी तमंचा 315 बोर और कारतूस बरामद हुआ। अंधेरे का फायदा उठाकर उसका दूसरा साथी आबिद फरार हो गया। पूछताछ में रोहित ने बताया कि वह और आबिद राजस्थान के भाटों से गाय और बैल खरीदकर बिहार के सिवान जिले के कर्बला में व्यापारियों को बेचते हैं।
रोहित यादव का आपराधिक इतिहास लंबा है, जिसमें आजमगढ़, जौनपुर, उन्नाव, गोरखपुर, फतेहपुर, प्रयागराज और अमेठी में गौ-तस्करी, गैंगस्टर एक्ट, हत्या का प्रयास और अन्य धाराओं में 13 मामले दर्ज हैं। फरार संदिग्ध आबिद पुत्र आशिक अली निवासी पूरे बदई, महोना, अमेठी की तलाश जारी है।