आजमगढ़। शिब्ली नेशनल कॉलेज परिसर में सोमवार को शिब्ली डे का आयोजन किया गया। इस दौरान कालेज के संस्थापक, शिक्षाविद अल्लामा शिब्ली नोमानी के व्यक्तित्व पर चर्चा की गई। इस दौरान रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में कॉलेज की एनसीसी यूनिट ने मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. प्रदीप शर्मा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद कॉलेज की परंपरा के अनुरूप कुरआन की तिलावत के माध्यम से कार्यक्रम की शुरूआत की गई। उसके बाद विद्यार्थियों ने कॉलेज का तराना प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर प्रदीप कुमार शर्मा ने रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके लिए कॉलेज में स्किल डेवलपमेंट आदि के माध्यम से गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अल्लामा शिब्ली के विचारों की गंभीरता का पता इस बात से ही चलता है कि उन्होंने मात्र 26 वर्ष की आयु में ऐसे संस्थान की स्थापना की। उससे भी बड़ी बात यह कि उन्होंने इस संस्थान के नाम में ''नेशनल'' शब्द का प्रयोग किया। पूरे देश में नेशनल शब्द का प्रयोग करने वाले वह पहले व्यक्ति थे। इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षकों ने शिब्ली चेयर की स्थापना की मांग भी कुलपति से की। इस पर कुलपति ने हर सम्भव प्रयास करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आजमगढ़ मुस्लिम एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. शौकत अली ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय भाषण में कॉलेज की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। इस अवसर पर कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष अबु साद शमशी, प्राचार्य डाॅ. अफसर अली, कमेटी के सदस्य डॉ. मोहम्मद अजमल, अतहर रशीद, डॉ. असलम सुल्तान, डॉ. रजीउद्दीन, डॉ. जफर इकबाल, डॉ. कयामुद्दीन आदि उपस्थित थे।