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फिर निकला बुनकर सोसाइटियों में घपले का जिन्न

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आजमगढ़। कुछ माह की शांति के बाद मुबारकपुर में बुनकर सोसाइटियों में हुए घपले का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह ने जांच में 11 समितियों के दोषी पाए जाने और 1.40 की रिकवरी निर्धारित होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। शिकायत के बाद कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने अपर आयुक्त प्रशासन से दो दिन में रिपोर्ट तलब की है।
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तत्कालीन आयुक्त एवं निदेशक हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग रमा रमण के निर्देश पर तत्कालीन डीएम सीबी सिंह ने मुबारकपुर की 11 बुनकर समितियों की जांच कराई थी। आरोप था खि इन समितियों ने बुनकरों के उत्थान के लिए आने वाले धन को हड़प लिया था। तत्कालीन एडीएसटीओ सुनील सिंह ने मामले की जांच की थी। जांच के दौरान पाया गया कि समितियों ने कूटरचित बैलेंसशीट के आधार पर शासन से मार्केटिंग इंसेटिव हासिल किया था। इसमें समितियों से 1.40 करोड़ की रिकवरी और समिति के सचिव और सभापति पर एफआईआर कराने की संतुति की गई थी। जांच के बाद समितियों की सुनवाई भी हुई थी। इसके बाद कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तत्कालीन आयुक्त एवं निदेशक हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग रमा रमण को भेज दी गई थी। साथ ही सहायत आयुक्त हथकरघा मऊ अनिल श्रीवास्तव को एफआईआर कराने और रिकवरी के आदेश दिए गए थे।
इस बीच आरोपी समितियों के पदाधिकारियों ने बचाव के लिए शासन में गुहार लगाई। इस क्रम में अपर आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर जांच पर पुनर्विचार कर रिपोर्ट देने के निर्देश 10 माह पहले दिए गए थे। तब से अभी तक मामला लटका हुआ है। हरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि अपर आयुक्त की ओर से विभाग से फाइल न मगंकार बुनकरों के घर पर रखी फाइलों के आधार पर जांच कर मामले में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जबकि शासन से अनुदान विभाग में जमा फाइलों पर ली गई हैं। इस दौरान आरोपी सिमितियों और अधिकारियों-कर्मचारियों में मिलीभगत का आरोप भी लगाया। कमिश्नर ने मामले में अपर आयुक्त प्रशासन धमेंद्र सिंह से दो दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है।
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