ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेश व्यापी आंदोलन का आह्वान किया है। इस आंदोलन के तहत आजमगढ़ के विद्युत कर्मचारियों, अभियंता अधिकारियों एवं विद्युत संविदा कर्मचारियों ने हाइडिल कार्यालय, सिधारी के बाहर विरोध सभा की और मोमबत्ती जुलूस निकाला।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक प्रभु नारायण पांडेय प्रेमी ने कहा कि यह आंदोलन पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि निजीकरण की प्रक्रिया के लिए जारी की गई टेंडर नोटिस को तत्काल निरस्त करने की मांग की जा रही है।
इस आंदोलन में शामिल होने वाले कर्मचारियों ने मोमबत्ती जुलूस के जरिये आगाह किया कि ऊर्जा प्रबंधन बिजली का निजीकरण कर प्रदेश की जनता, विद्युत उपभोक्ताओं को मोमबत्ती-लालटेन युग में लाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि उप्र पावर कारपोरेशन प्रबंधन औद्योगिक अशांति का वातावरण बना रहा है।
इस आंदोलन के तहत 29 और 30 जनवरी 2025 को भी शाम पांच बजे के बाद कार्यालय अवधि के बाद विरोध सभा एवं मोमबत्ती जुलूस निकाला जाएगा।