आजमगढ़/ अहरौला। उमस भरी गर्मी में जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है, लेकिन अधिकारी इसे मानने को तैयार नहीं है। उनके कागजों में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति हो रही है। कटौती तो हो रही है साथ ही आपूर्ति के दौरान हर एक दो मिनट पर बिजली ट्रिप कर जा रही है। लगभग 18 घंटे बिजली मिल रही है उसमें भी 50 से 60 बार ट्रिप कर जा रही है। सबसे खराब स्थित अहरौला क्षेत्र के गोपालगंज भेदौरा और रेड़हा उपकेंद्र की है।
जिले में बिजली आपूर्ति के लिए छह वितरण खंड बनाए गए हैं। सभी वितरण खंडों में विभिन् भार के 6.90 लाख उपभोक्ता हैं। विभाग शेड्यूल के अनुसार शहरी उपभोक्ताओं को 24 और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 18 घंटा बिजली आपूर्ति की बात करता है। लेकिन हकीकत इससे परे है। शहरी क्षेत्र में तो कुछ ठीक है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती और बार- बार हो रही ट्रिपिंग ने उमस भरी गर्मी में सभी का जीना मुहाल कर दिया है। 18 घंटे में एक तो 12-13 घंटे बिजली मिल रही है। इसमें करीब 50से 60 बार ट्रिपिंग हो रही है। 33/11 उपकेंद्र मोहब्बतपुर, जहानागंज, बरहद, मोहम्मदपुर, मेंहनगर, बेरमा, बिलरियागंज, जीयनपुर आदि में लोगों को एक तो 12 घंंटा से कम बिजली मिल रही है वहीं, आपूर्ति के दौरान 50 से 60 बार ट्रिपिंग हो रही है। जिले में आपूर्ति की सबसे खराब स्थित अहरौला क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र गोपालगंज भेदौरा और रेड़हा की है। उपभोक्ताओं के संघर्ष के बाद रेडहा सब स्टेशन पर 10 एमबीए का ट्रांसफार्मर क्षमतावृद्धि के तहत लगा। लेकिन लो वोल्टेज और कटौती की समस्या बरकरार है। वहीं, गोपालगंज भेदौरा सब स्टेशन से पांच एमबीए ट्रांसफार्मर से आपूर्ति कि जा रही है। सोमवार शाम छह बजे से मंगलवार सुबह छह बजे तक यानि 12 घंटे की बात की जाय तो 720 मिनट में 400 बार बिजली र्टि्प हुई। लेकिन अधिकारी इसको मानने को तैयार नहीं हैं।
उनके कागजों में उपभोक्ताओं को निर्बाध मिल रही है। कटौती और ट्रिपिंग से व्यवसाय व खेतीबारी सब प्रभावित हो गई है।
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किसान नहीं कर पा रहे धान की सिंचाई
फरिहा क्षेत्र को उपकेंद्र मोहम्मदपुर से बिजली की आपूर्ति की जाती है। 18 घंटा में 10 ही घंटा बिजली मिल पा रही है। आधा, पौना घंटा में एक बार बिजली जरूर कट रही है। जिसके कारण आमजन के साथ ही किसान भी परेशान हैं। एक बीघा धान की फसल सींचने में उनको दो से तीन दिन लग जा रहे हैं। बिजली कब आएगी और कब जाएगी इसका कोई शेड्यूल निर्धारित नहीं है। किसान फसलों को लेकर काफी चिंतित हैं। बिजली न रहने और नहर में पानी न आने से फसल सूख रही है। इस संबंध में एसडीओ सुधीर मल्ल ने कहा कि ओवरलोड के चलते बिजली की कटौती अधिक हो रही है।
जहानगंज। कस्बा में 10 हजार बुनकर हैं साड़ियों की बुनाई के लिए बिजली की आवश्यकता होती है, लेकिन बुनकरों को बिजली मिल नहीं पा रही है। दस मिनट के बाद बिजली एक घंटे के लिए कट जा रही है। बुनकर सेवा समिति के अध्यक्ष शफीक अहमद के नेतृत्व में बुनकरों ने सब स्टेशन पर अवर अभियंता को पत्रक सौंपा। अघोषित बिजली कटौती से निजात दिलाने की की। समिति के अध्यक्ष ने कहा कि बिजली न रहने से पॉवरलूम नहीं चल पा रहे हैं। जिसके कारण साड़ी की बुनाई नहीं हो पा रही है। बिजली कटौती से बुनकरों को धंधा पूरी तरह से मंदा हो चुका है। अध्यक्ष ने कहा कि जब तक बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं होगा तब तक कोई बुनकर बिजली बिल नहीं जमा करेगा। ज्ञापन सौपने वालों में मोहम्मद अजहर, सलीम सेठ, नेहाल, सुहेल शमशाद आदि मौजूद रहे। संवाद
जहां पॉवर हाउस की क्षमतावृद्धि नहीं हुई है वहां थोड़ी समस्या है। सभी पॉवर हाउसों की क्षमतावृद्धि का प्रस्ताव मंजूर हो चुका है। धीरे-धीर सभी पॉवर हाउसों की क्षमतावृद्धि की जा रही है। इसके बाद कटौती और लो वोल्टेज जैसी समस्या का समाधान हो जाएगा। बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए कुछ जगहों पर काम चल रहा है। जिसके कारण शट्डाउन लेना पड़ रहा है।
- राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता।