बिजली विभाग इन दिनों बकाया वसूली की कवायद में जुटा हुआ है। आम उपभोक्ताओं से ज्यादा परेशान ता सरकारी विभाग कर रहे है। कई सरकारी विभागों पर बड़ा बकाया है, लेकिन इनसे वसूली में बिजली विभाग फिसड्डी साबित हो रहा है। जबकि शासन से बकाया वसूली को लेकर विभाग पर डंडा बजाया जा रहा है। विभाग की टीम बकाया वसूली को लेकर अभियान चला रहे है लेकिन बकायेदार सरकारी विभागों द्वारा बिल न जामा किए जाने से एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
सरकार ने बकाया वसूली को लेकर सख्त निर्देश जारी किया है। सभी लाइन मैनों को बकायेदारों की लाइन खोल देने का निर्देश जारी हुआ है। विभाग स्थानीय स्तर पर इस कवायद में भी जुटी है। पूरे जिले में विभाग जोरशोर से वसूली की कवायद में जुटा है। आम उपभोक्ताओं से तो वसूली हो रही है और जो नहीं जमा कर रहा है उसकी लाइन भी खोल दी जा रही है। चोरी से बिजली का उपभोग करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जा रहा है लेकिन बिजली विभाग सरकारी बकायेदार विभागों से वसूली नहीं कर पा रहा है। एक्सईएन वितरण खंड प्रथम अरविंद सिंह ने बताया कि सरकारी विभागों में पुलिस, प्रशासन, शिक्षा, चिकित्सा व नलकूप सहित सभी विभागों पर बिजली बिल बकाया है। इसमें सर्वाधिक 10 करोड़ का बकाया अकेले बेसिक शिक्षा विभाग पर है। इसके अलावा पीडब्लूडी भी लगभग 90 लाख का बकायेदार है। नलकूप विभाग की बात की जाए तो यहां 40 लाख का बकाया है। एक्सईएन ने बताया कि इन विभागों को लगातार नोटिस भेजी जा रही है। बजट के आभाव में बकाया नहीं जमा हो सका है। जल्द चेतावनी नोटिस जारी की जाएगी और इसके बाद लाइन काटने की भी कवायद शुरू होगी।