लाटघाट। घाघरा नदी का जलस्तर स्थिर होने के बाद अब घटने लगा है। इसके बाद भी लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बाढ़ प्रभावित पांच गांवों की बिजली 26 अगस्त की शाम से ही कटी हुई है। जिससे 20 हजार की आबादी अंधेरे में रहने को विवश है।
सगड़ी तहसील के शाहडीह, बांका, बूढ़नपट्टी, मसुरियापुर, देवारा खास राजा, चक्की गांव की बिजली कटने के कारण ग्रामीण पूरी रात जागरण कर रहे हैं। देवारा खास राजा के पूर्व प्रधान पल्टन यादव, बांका के अंगद यादव, रविंद्र पटेल, शाहडीह के विश्वनाथ यादव आदि ने बताया कि 26 अगस्त की शाम पांच बजे से बिजली कटी है। इससे 20000 की आबादी प्रभावित हो गई है। अब तक बिजली नहीं आई है। वहीं मंगलवार को बसपा के पूर्व प्रत्याशी शंकर यादव गांव में पहुंच कर लोगों से मिले और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि हम बिजली विभाग के अधिकारियों से बात करते हैं। वहीं सोमवार को घाघरा नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर 72.65 मीटर दर्ज किया गया था जो 17 सेमी घटकर मंगलवार को 72.48 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। वहीं डिघिया पर सोमवार को जलस्तर 71.76 मीटर दर्ज किया गया था, जो मंगलवार को 22 सेमी घटकर 71.54 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है। दोनों ही गेजो पर नदी खतरा बिंदु से ऊपर बह रही है। नदी में कुल दो लाख 78 हजार 122 क्यूसेक पानी विभिन्न बैराजों से डिस्चार्ज हो रहा है।