फरिहा। रानी की सराय विकास खंड के फरिहा गांव को पूर्व डीएम सुहाल एलवाई ने गोद लिया था। उनके जाने के बाद गांव अपने हाल पर आंसू बहा रहा है। जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा हुआ है। जल निकासी के लिए गांव में बनाई गईं नालियां कूड़े-कचरे से पटी हुई हैं।
विगत दिनों गांव में दो बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम डेरा डाली पड़ी है। इससे पहले मिर्जापुर ब्लॉक क्षेत्र के सीधा सुल्तानपुर गांव की नट बस्ती में पांच बच्चों की मौत के बाद भी ब्लॉक की स्वास्थ्य विभाग की टीम चौकन्नी नहीं हुई। जिसका परिणाम रहा कि फरिहा गांव में आरिज पुत्र अब्दुल रहमान (7 साल) और उम्मेहानी पुत्री मोहम्मद अजीम (10 साल) की मौत हो गई। दो मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में डेरा डाल दिया। गांव में अभी भी सर्दी जुकाम बुखार से अन्य बच्चे ग्रसित हैं। टीम टीकाकरण कर रही हैं उसके द्वारा अब तक 400 बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। मंगलवार की सुबह से टीम लगाकर दक्षिण बस्ती में टीकाकरण अभियान चलाया गया। दक्षिण बस्ती में आज भी गंदी नालियों से बदबू उठ रही है। नाले जाम पड़े हुए हैं। बस्ती में जाते समय लोग मुंह बांध कर प्रवेश कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आज तक किसी प्रकार का टीका गांव के बच्चों को नहीं लगाया गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम कभी दिखाई नहीं दी थी।
उधर स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि फरिहा गांव में छिड़काव कराया गया है। लेकिन बच्चों की मौत के बाद अभी तक कोई छिड़काव कार्य नहीं हुआ है। सिर्फ जिन बच्चों की मौत हुई है, उनके घर के सामने सफेद चूने की लाइनें बनी दिखाई दे रही हैं। वहीं गांव में अभिभावकों में अपने बच्चों को लेकर दहशत का माहौल व्याप्त है। कहीं पटिया नहीं लगी तो कहीं नालियां टूटी पड़ी है। आरिज और उम्मे हानी के घर पर सन्नाटा पसरा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम आरिज के घर पर बैठकर वार्ता करती नजर आई।
इस संबंध में एसडीओ पंचायत सहायक असविंद यादव ने बताया कि यह जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की होती है। ग्राम प्रधान द्वारा कार्य नहीं कराया गया है। अगर उसने नहीं कराया है तो हम इसकी जांच करते हैं। गांव में आज शाम तक फागिंग कराई जाएगी।