आजमगढ़। बिजली की आपूर्ति और राजस्व वसूली को लेकर विद्युत निगम पूरी तरह से सख्त हो गया है। किस ट्रांसफाॅर्मर से कितनी बिजली की खपत हो रही है, इसकी निगरानी की जाएगी। जिले के हर छोटे-बड़े ट्रांसफाॅर्मरों पर मीटर लगाए जाएंगे। इन मीटरों के जरिये बिजली की खपत और राजस्व प्राप्ति के अनुपात पर भी नजर रखी जाएगी।
विद्युत निगम हर ट्रांसफाॅर्मर पर मीटर लगाकर बिजली की खपत का आकलन करेगा। इसके बाद उस क्षेत्र से प्राप्त होने वाले राजस्व का भी आकलन किया जाएगा। इससे यह पता चल सकेगा कि कहां कमी है। साथ ही बिजली आपूर्ति की स्थिति भी स्पष्ट होगी। जनपद के छह वितरण खंडों में विभिन्न क्षमता के 40 हजार ट्रांसफाॅर्मर विद्युत आपूर्ति के लिए लगाए गए हैं। धीरे-धीरे इन सभी ट्रांसफाॅर्मरों पर मीटर लगाए जाएंगे। इसके बाद उपभोक्ताओं के घरों पर स्मार्ट मीटर लगेंगे। ट्रांसफाॅर्मर पर लगे मीटर में बिजली की खपत और इस ट्रांसफाॅर्मर से जुड़े उपभोक्ताओं के मीटर की यूनिट का आकलन किया जाएगा। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि ट्रांसफाॅर्मर वाले मीटर पर जितनी यूनिट की बिजली खपत दिख रही है, उपभोक्ताओं ने उतना प्रयोग किया है या उससे कम या अधिक प्रयोग किया है। इस व्यवस्था से निगम को ट्रांसफाॅर्मर के अंतर्गत होने वाली बिजली चोरी का आसानी से पता चल सकेगा। हालांकि यह व्यवस्था पहले भी हुई थी लेकिन रखरखाव के अभाव में मीटर खराब हो गए। ट्रांसफाॅर्मरों पर डीटी मीटर लगाने का काम कुछ जगहों पर शुरू भी हो चुका है। इसके बाद घरों पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगेंगे।
जनपद के छह वितरण खंडों में साढ़े छह लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। सर्वे के बाद सभी उपभोक्ताओं के घरों पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। हालांकि इसमें अभी काफी समय लगेगा लेकिन पहले चरण में शहरी क्षेत्र के 30 हजार उपभोक्ताओं के सर्वे का काम पूरा हो चुका है। घरों पर लगाने के लिए 12 हजार प्रीपेड स्मार्ट मीटर भी आ चुके हैं।
शहर में ट्रांसफाॅर्मरों पर डीटी मीटर और प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके साथ उपभोक्ताओं के सर्वे का काम भी चल रहा है। ट्रांसफाॅर्मरों पर मीटर लगाने से उस क्षेत्र में बिजली की खपत के साथ ही बिजली चोरी पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।
- संदीप प्रजापति, एसडीओ नगर।