मेजवां। आजमगढ़ के रास्ते शाहगंज- मऊ के बीच रेलवे लाइन पर शीघ्र ही इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ने लगेगी। इस लाइन पर खंभे लगाने और इलेक्ट्रिकल वायर लगाने का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। संभावना जताई जा रही है कि दिसंबर के अंत तक विद्दुतीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद इस लाइन पर भी बिजली से चलने वाली ट्रेन दौड़ने लगेगी। इसके साथ ही इस रेल खण्ड पर यात्रियों को बिजली से दौड़ने वाली ट्रेन की सुविधा मिलेगी।
रेलवे की योजना के अनुसार रेलवे की ओर से आजमगढ़-मऊ के बीच लगभग 40 किमी तक इलेक्ट्रिक लाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है। इसके बीच मुख्य रेल संरक्षा अधिकारी एचएम लतीफ की मौजूदगी में ट्रायल भी किया जा चुका है। अब आजमगढ़-शाहगंज के बीच 60 किमी कार्य प्रगति पर है। इनके बीच ब्लाक सेक्शनों पर इलेक्ट्रकिल कार्य पूर्ण हो चुके हैं। ब्लाक सेक्शन के आगे कार्य तेजी से किया जा रहा है। वर्तमान समय में इस रेल खंड पर चलने वाले यात्रियों को डीजल इंजन से चलने वाली ट्रेन में सफर करना पड़ रहा है। कुछ ही दिनों में यात्री बिजली से दौड़ने वाली ट्रेन का लाभ ले सकेंगे। इसमें प्रति किमी लगभग 20-20 खंभे लगाए गए हैं। इलेक्ट्रिक से ट्रेन चलने पर यात्रियों के समय की बचत होगी। फिलहाल आजमगढ़ के रास्ते शाहगंज- मऊ के बीच लंबी दूरी की ट्रेन साबरमती, सरयू यमुना, गोदान, आनंद विहार- मऊ, कैफियात सहित दो जोड़ी पैसेंजर ट्रैक पर दौड़ रही हैं। उम्मीद जताई जा रही है की विद्दुतीकरण होने पर ट्रेनों का दायरा बढेगा। पूर्वोत्तर रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य शाहआलम कुरैशी ने बताया कि मऊ- शाहगंज के बीच विद्युतीकरण हो जाने पर इस रूट पर डीएमयू चलाने का प्रयास किया जाएगा। खुरासन रोड रेलवे स्टेशन अधीक्षक उमेश कुमार ने बताया कि खुरासन रोड सहित अन्य स्टेशनों के ब्लाक सेक्शनों पर विद्युतीकरण का कार्य हो गया है। उम्मीद है कि इस रेल खंड पर दिसंबर के अंत तक विद्युत से चलने वाली ट्रेनों के ट्रायल होने की संभावना है।