प्रबोधिनी एकादशी का पर्व रविवार को मनाया जाएगा। पर्व की पूर्व संध्या पर नगर में चहलपहल बढ़ गई है। बाजारों में गन्ने की दूकानें सज गई। महंगाई का असर भी दिख रहा है। बाजार में एक गन्ना 15 से 20 रुपये में बिक रहा है।
बता दें कि प्रबोधिनी एकादशी पर्व पर लोग व्रत रख कर सायंकाल गन्ने का नेवान करते हैं।
गांव-देहात में तो गन्ना आसानी मिल जाता है, मगर शहर में मिलना मुश्किल रहता है। इसे देखते हुए किसान खेतों से गन्ना काट कर शहर लाकर बेचते हैं। शनिवार को नगर के बड़ादेव, सिधारी, कटरा आदि क्षेत्रों में अस्थाई रूप से गन्ना की दूकानें सजी रहीं। एक गन्ना 15 से 20 रुपये में बेचा जा रहा है। शाम होते ही बोझ के बोझ गन्ना बिक गए थे। दूसरी तरफ सिंघाड़ा की मांग बाजार में बढ़ गई है।
मेजवां संवाददाता के अनुसार फूलपुर कस्बा में एकादशी पर्व पर गन्ने की मांग के चलते नगर चट्टी चौराहो पर लाल गन्ने की दूकानें सज गई हैं। वैसे तो इस क्षेत्र में आम तौर पर सफेद गन्ने की पैदावार अधिक होती है। लाल गन्ना अंबेडकर नगर जिले के बसखारी क्षेत्र के न्योरी गांव में इसकी खेती प्रमुखता से की जाती है। वहां के व्यवसायी यहां गन्ना लाकर बेचते हैं।
किसानों का मानना है कि जहां सफेद गन्ने की मिठास उत्तम और बनावट सख्त होती है। वहीं, लाल गन्ने का रस पतला और गन्ना मुलायम होता है। आम तौर पर पांच रुपये प्रति पीस बिकने वाले लाल गन्ने की कीमत एकादशी पर्व और दुर्वासा मेले में 10 से 20 रुपये पहुंच जाता है। बावजूद इसके गन्ने की खरीदारी में लोगों के उत्साह में कमी नहीं है।