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चौबीस घंटे में कोरोना से आठ लोगों की मौत

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आजमगढ़। कोरोना संक्रमण से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब मरने वालों का आकड़ा सात-आठ प्रतिदिन पर पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को भी राजकीय मेडिकल कालेज में भर्ती कोरोना संक्रमितों में से आठ ने दम तोड़ दिया। वहीं अब तो मेडिकल कालेज में लापरवाही भी सामने आने लगी है।
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मेडिकल कालेज के कोरोना नोडल डॉ. दीपक पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार को मरने वालों में पांच आजमगढ़, दो मऊ व एक गाजीपुर जिले का रहने वाला है। उन्होंने बताया कि गाजीपुर जिले के रहने वाले 65 वर्षीय वृद्ध को 11 अप्रैल की सुबह भर्ती कराया गया था, जिसने बृहस्पतिवार को दिन में 12 बजे दम तोड़ दिया। इसी क्रम में मऊ के सराय लखंसी के रहने वाली 72 वर्षीया वृद्धा 20 अप्रैल को भर्ती कराया गया था और उसने भी दम तोड़ दिया। मऊ के ही रतनपुरा निवासी 54 वर्षीय व्यक्ति को 21 अप्रैल को दिन में भर्ती कराया गया। उसने देर रात दस बजे दमा तोड़ा। आजमगढ़ शहर कोतवाली की 65 वर्षीया वृद्धा ने बृहस्पतिवार की सुबह दम तोड़ा। उसे बुधवार की रात 9 बजे भर्ती कराया गया था। रानी की सराय की रहने वाली 56 वर्षीया महिला बुधवार की शाम भर्ती हुई थी और रात सवा आठ बजे उसकी मौत हो गई। अतरौथ्लया के 37 वर्षीय युवक को बुधवार की शाम भर्ती कराया गया था देर शाम उसने भी दम तोड़ दिया। मृतक अतरौलिया कस्बे में फैले डायरिया का शिकार था और जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे मेडिकल कालेज भर्ती कराया गया था। बुधवार की सुबह नौ बजे देवगांव निवासी 42 वर्षीय युवक मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। उसने भी बुधवार की देर शाम दम तोड़ दिया। इसी क्रम में जीयनपुर की रहने वाली 50 वर्षीया महिला बुधवार की सुबह मेडिकल कालेज लाई गई जहां उसने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
ऑडिटोरियम हॉल के बाहर मृत मिली कोरोना संक्रमित
आजमगढ़। राजकीय मेडिकल कालेज में अब लापरवाही भी होने लगी है। जिसका खुलासा तब हुआ जब कोरोना संक्रमित होने के चलते मेडिकल कालेज में भर्ती कराई गई मऊ की रहने वाली महिला की लाश कालेज के ऑडिटोरियम हॉल के पास मिली। वह मेडिसिन वार्ड में भर्ती थी और कब व कैसे वह बाहर निकल आई इसकी किसी को जानकारी नहीं है। चौकी प्रभारी मेडिकल कालेज ने मृतका के परिजनों को सूचना देकर बुलाया और शव को राजघाट भेज कर कोविड गाइड लाइन के अनुरूप अंतिम संस्कार कराया। प्राचार्य डॉ. आरपी शर्मा ने बताया कि संभवत: महिला रात में मेडिसिन वार्ड से मृतकों के शव निकालने के दौरान किसी तरह बाहर निकल आई होगी। वैसे कहा पर लापरवाही हुई है, इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के लिए डॉ. दीपक पांडेय व डॉ. एके गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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