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आर्सेनिक प्रभावित गांवों में हो रही शुद्ध पेयजल पहुंचाने की कोशिश

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आजमगढ़। जनपद के महराजगंज ब्लाक के आर्सेनिक प्रभावित सैदपुर गांव की दो बस्तियों कोमल का पुरवा और अनुसूचित जाति बस्ती के लोगों को शुद्ध पेयजल मयस्सर नहीं है। पर यह स्थिति बदलने वाली है। जल निगम ने शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने टैंक का निर्माण कर लिया है और गांव के 80 प्रतिशत हिस्से में पाइप लाइन बिछा दी गई है। बिजली की आपूर्ति के बाद आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
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गर्मी बढ़ने लगी है। जल संकट संभावना भी बनने लगी है। जनपद के कई गांव भी आर्सेनिक से प्रभावित हैं। पानी में आर्सेनिक मिलने से त्वचा, फेफड़े और कैंसर जैसी बीमारियों की आशंका रहती है। जिस गांव के पानी में आर्सेनिक मात्रा ज्यादा पाई जाती है। उन गांवों में शुद्ध पानी लोगों को उपलब्ध कराने के लिए पेयजल परियोजनाएं लगाई जा रही हैं। वर्तमान में जनपद के महराजगंज ब्लाक के सैदपुर गांव की दो बस्तियों कोमल का पुरवा और अनुसूचित बस्ती में आर्सेनिक युक्त पानी निकल रहा है। जल निगम की ओर से लोगों कों स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की कवायद शुरू की गई है। यह परियोजना पूरी होने की कगार पर है। सिर्फ विद्युत संयोजन का कार्य बाकी है।
तीन गांवों में पहले ही शुरू हो चुकी है स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति
आजमगढ़। वर्ष 2006-07 और 2008 में रानी की सराय विकास खंड के रूदरी, तहबरपुर के किशुनदासपुर और फूलपुर के बिहटा गांव के पानी में आर्सेनिक की मात्रा ज्यादा पाई गई थी। इन गांवों में ओवरहेड टैंकों का निर्माण कर पाइप लाइन बिछाकर पानी की आपूर्ति शुरू कर इसे ग्रामसभा के हवाले कर दिया गया है। अब इसकी देखरेख और पानी की आपूर्ति ग्राम सभा द्वारा की जाती है।
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महराजगंज विकास खंड के सैदपुर गांव की कोमल बस्ती और हरिजन बस्ती के पानी में आर्सेनिक पाया गया है। लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए गांव में लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। 400 घरों को पाइप लाइन से जोड़ दिया गया है। विद्युत संयोजन होते ही पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।- रणविजय सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम
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