निजी कॉलेजों में नि:शुल्क और बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की जांच होगी। इसके बाद ही कॉलेजों को शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि व अन्य वित्तीय सहायता दी जाएगी। बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों को जांच कर सत्यापन रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कराने का निर्देश दिया है। नि:शुल्क और बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में भी 25 प्रतिशत सीटों पर अलाभित एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों के नि:शुल्क प्रवेश के निर्देश दिए गए हैं। निजी कॉलेजों को प्रवेश देने के बाद शुल्क प्रतिपूर्ति और अन्य वित्तीय सहायता का कार्य शासन की ओर से किया जा रहा है। वर्ष 2021-22 के तहत जिले में नि:शुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश लेने वाले कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विभाग की ओर से निर्धारित पोर्टल पर शुल्क प्रतिपूर्ति और वित्तीय सहायता के लिए आवेदन करें। बीएसए ने इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि खंड शिक्षाधिकारी अपने-अपने विकास खंड में प्रवेश देने वाले विद्यालयों संचालकों के साथ बैठक करें। विद्यालय में छात्रों के नि:शुल्क प्रवेश आदि का सत्यापन करें और सत्यापन रिपोर्ट बीएसए कार्यालय को उपलब्ध कराएं। बीएसए अम्बरीष कुमार ने खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सत्यापन के साथ ही वे कॉलेजों और विद्यालयों से शुल्क प्रतिपूर्ति और वित्तीय सहायता के लिए पोर्टल पर आवेदन कराना सुनिश्चित करें। नि:शुल्क और बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत संबंधित विद्यालय और कॉलेजों को शुल्क प्रतिपूर्ति और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इस व्यवस्था के तहत खंड शिक्षाधिकारियों को पात्रों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। खंड शिक्षाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही पोर्टल पर आवेदन करने वालों को योजना का लाभ दिया जाएगा।