10: मेजवां में बूंदाबांदी व तेज हवा से खेत में गिरने की कगार पर सरसो।
आजमगढ़। पूर्वांचल में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। शुक्रवार दोपहर तेज हवा के साथ हुई बूंदाबांदी ने जिले के करीब साढ़े आठ लाख किसानों को सतर्क कर दिया है। तीन साल बाद मार्च के महीने में मौसम का मिजाज बदला है और बूंदाबादी हुई। इससे 24 घंटे में अधिकतम 8 और न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया।
बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस था वहीं, शुक्रवार को अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे को फसलों के लिए अत्यंत संवेदनशील बताया है। जिले में इस समय गेहूं की फसल पकने की अवस्था में है, वहीं चना, मसूर जैसी दलहनी और सरसों जैसी तिलहनी फसलें भी तैयार हैं।
ऐसे में तेज हवा और बारिश से फसल गिरने (लॉजिंग) का खतरा बढ़ जाएगा, जिससे उत्पादन में कमी आ सकती है। खेतों में पानी भरने की स्थिति में दाने की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसान मौसम पर नजर बनाए रखें और जहां संभव हो, तैयार फसल की कटाई में तेजी लाएं। वहीं, जिन खेतों में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है, वहां तुरंत नालियां बनाकर पानी निकालने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में यह बदलाव देखा जा रहा है। यदि अगले 24 घंटे में मौसम साफ हो जाता है तो नुकसान की संभावना कम होगी, लेकिन बारिश बढ़ने की स्थिति में किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती है।