फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिर बूंदाबादी ने बढ़ाई किसानों की चिंता

विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं की दवांई जोरों पर चल रही है। - फोटो : AZAMGARH
विज्ञापन
आजमगढ़। मौसम किसानों की परीक्षा ले रहा है। खेतों में फसल पककर खड़ी है। जो फसल कटी है वह खेतों में या खलिहानों में पड़ी हैं। ऐसे में मौसम की बेरूखी किसानों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। शनिवार को एक बार फिर मौसम ने करवट बदली और बूंदाबादी ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी। लेकिन कुछ देर बाद ही मौसम खुल और चटक धूप निकल आई तब जाकर किसानों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन

किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले लाक डाउन के लगी रोक तैयार फसल की कटाई में बाधक बनी हुई थी वहीं अब मौसम की बेरूखी किसानों की परेशानी बढ़ा रही है। लाक डाउन में फसल की कटाई और मड़ाई से छूट मिलने के बाद किसान तेजी से अपने फसलों की कटाई और मड़ाई में जुटे हुए हैं। शनिवार को एकाएक मौसम ने करवट बदली और आसमान में बादलों ने डेरा डाल दिया। बादलों के आते ही किसान ईश्वर से प्रार्थना करने लगे। लेकिन तभी लगभग आठ बजे बूंदाबादी शुरू हो गई। बूंदाबांदी शुरू होते ही किसान की जान हलख में फंस गई। क्योंकि जितनी फसल की कटाई हो चुकी है उसमें से ज्यादातर फसल या तो खेत में बोझ बांधकर पड़ी है या खलिहान में रखी है। अगर बारिश तेज होती तो किसानों को उसे फिर से सुखाना पड़ता जिसका असर गेहूं के दाने पर पड़ता। इसके काले पड़ने की संभावना भी बढ़ जाती। इसी बात को लेकर किसान चिंतित थे। लेकिन ऊपर वाले ने किसानों की फरियाद सुनी और कुछ देर बूंदाबादी होने के बाद मौसम खुलने के साथ ही तीखी धूप निकल गई। इसके बाद शाम से किसान तेजी से फसल की मड़ाई करने में जुट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें