बिजली चोरी रोकने और राजस्व को बढ़ाने के लिए पावर कारपोरेशन ने आईडीएफ पर मीटर चलाकर बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं पर लगाम लगाने के लिए एक नया तरीका इजाद करते हुए अधिभार दोगुना कर दिया है।
कारपोरेशन ने यह लगाम शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर लागू किया है। बताते चले कि शहरी क्षेत्र में घरेलू कनेक्शन पर यदि मीटर किसी कारण से बंद हो जाता था तो विभाग बिलिंग के लिए एक न्यूनतम मानक 80 यूनिट अधिभार तय किया था।
इसका लाभ वे उपभोक्ता उठाते थे, जिनके यहां बिजली का कंजेप्शन 200 यूनिट या उससे अधिक होता था। ये उपभोक्ता मीटर बंदकर न्यूनतम यूनिट 80 पर अपने बिल का भुगतान कर देते थे।
इसी तरह शहरी क्षेत्र के कामर्शियल उपभोक्ताओं के लिए न्यूनतम यूनिट अधिभार 104 और इंडस्ट्रियल क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए न्यूनतम अधिभार 145 किलोवाट निर्धारित था। मीटर बंद होने पर इन उपभोक्ताओं को तय अधिभार के आधार पर बिल की वसूली की जाती थी।
अब न्यूनतम अधिभार दोगुने होने से रकम बढ़ जाएगी। उदाहरण के लिए, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मीटर बंद होने पर न्यूनतम अधिभार 155 यूनिट, कामर्शियल उपभोक्ताओं को अब 204 यूनिट और इंडस्ट्रियल क्षेत्र के लिए 260 किलोवाट अधिभार प्रतिमाह निर्धारित किया गया है।
अभियान के दौरान बिजली चोरी पकड़ में आई। इस आधार पर नियम में परिवर्तन किया गया। जिन उपभोक्ताओं का मीटर बंद हो तो वे उसे तुरंत बदलवा लें क्योंकि यदि मीटर बंद होगा तो उनसे बिजली वसूली नए नियम के आधार पर की जाएगी। - डीबी सिंह, अधीक्षण अभियंता