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पुलिस की मिली भगत से हुई चकिया हुसैनाबाद का दोहरा हत्याकांड

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आजमगढ़। एसओ निजामाबाद अनवर अली खां की हत्यारोपी आरिफ मुन्ना के साथ हुए व्हाट्सएप चैट ने पुलिस और अपराधियों के गठजोड़ को सामने ला दिया। एसओ ने अपनी जिम्मेदारी को समझी होती तो शायद दो नवयुवकों की जान बच जाती। इस मामले में एसपी सुधीर कुमार सिंह ने एसओ निजामाबाद को निलंबित कर दिया है और प्रकरण की जांच एसपी सिटी को सौंपी है।
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एसओ निजामाबाद अनवर अली खां के अपराधियों के साथ संबंध इतने गहरे हो गए थे कि वो व्हाट्सएप पर उनके साथ लेन-देन की भी चैट करने लगे थे। असमर और काजिम की हत्या के आरोपी आरिफ से एसओ अनवर अली खां की व्हाट्सएप चैट के माध्यम से बातचीत होती थी। असमर को लेकर चैटिंग में जिस तरीके से बात की गई है उससे यही लग रहा है कि हत्याकांड की चिंगारी कई दिनों से सुलग रही थी। एसओ इसे भलीभांति जानते थे। इसे रोकने के बजाय उन्होंने अपराधियों से गठजोड़ बनाए रखा। एक मामले में जहां पिता आरिफ जेल गया वहीं उसी मामले में उसका बेटा वाकिफ एक माह से ज्यादा समय तक गांव में घूमता रहा लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। ये एसओ की मिलीभगत को दर्शाने के लिए काफी है। यदि एसओ निजामाबाद चाहते तो निश्चित तौर पर असमर व काजिम की जान बच गई होती।
पुलिस चाहती तो नहीं होता दोहरा हत्याकांड
आजमगढ़। यदि निजामाबाद थाने की पुलिस चाहती तो यह दोहरा हत्याकांड नहीं होता। यह आरोप मृतक असमर के परिजन लगा रहे है। वायरल हो रहे व्हाट्सएप चैट की रिकार्डिंग असमर के परिजनों द्वारा ही की गई है। जिस मोबाइल से यह व्हाट्सएप चैट मिला है वह फर्जी टिकट मामले में जेल जा चुके आरिफ की मोबाइल का है। जो चकिया हुसैनाबाद में हुए दोहरे हत्याकांड के दौरान घटनास्थल से परिजनों को मिला था। परिजनों ने ही व्हाट्सएप चैट का वीडियो बना लिया और वायरल कर दिया। जब इस मामले की जानकारी पुलिस को हुई तो पुलिस ने मोबाइल देने के लिए दबाव बनाया। इसपर परिजनों ने मोबाइल को एसओ सरायमीर को सौंप दिया।
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जेल में बंद होने के बाद भी आरिफ से होती थी एसओ की बात
आजमगढ़। फर्जी रेलवे टिकट मामले में गिरफ्तार आरिफ जेल की सजा काट रहा है। इस मामले में इसका पुत्र वासिफ भी नामजद था, लेकिन एसओ निजामाबाद मुकदमा दर्ज होने के बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं कर रहे थे। आरिफ से एसओ की व्हाट्सएप पर हुई चैट वायरल होने के साथ ही एक आडियो भी वायरल हुई है जो एसओ अनवर अली खां व जेल में बंद आरिफ के बीच की है। जेल से ही आरिफ ने एसओ से बात की। एसओ को भी इस बात की जानकारी थी कि आरिफ जेल में है और वहीं से बात कर रहा है, इसके बाद भी उन्होंने उससे बात किया। एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि अभी आडियो की जांच कराई जा रही है। एसपी ने इस बात को स्वीकार किया है और जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
गांव में दहशत बरकरार, तीसरे युवक की हालत स्थिर
फरिहां। निजामाबाद थाना क्षेत्र के चकिया हुसैनाबाद गांव में अब भी गम व गुस्से का नजारा देखने को मिल रहा है। एसओ व अपराधी के बीच के व्हाट्सएप चैट वायरल होने के बाद परिजनों व ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया है। वहीं सुरक्षा के तहत गांव में अभी भी भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है। घटना का मुख्य आरोपी अभी पुलिस पकड़ से दूर है।
बीते सोमवार को दिन में ही बाइक सवार तीन युवकों पर गांव के ही मनबढ़ों ने चाकू से प्रहार कर गंभीर रुप से घायल कर दिया था। तीनों को जिला अस्पताल लाया गया तो दो युवकों असमर व काजिम की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं एक युवक मुशीर अभी भी वाराणसी के प्राइवेट अस्पताल में जीवन मौत से जूझ रहा है। घटना को तीन दिन हो चुके है और मुख्य आरोपी वासिफ पुत्र आरिफ व उसका चाचा दानिश अभी भी फरार है। इस बीच आरोपी आरिफ के साथ एसओ निजामाबाद की चैट वायरल होने के बाद पुलिस महकमे के खिलाफ परिजनों व ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया है। लोग इस दोहरे हत्याकांड के लिए निजामाबाद थाना पुलिस को ही जिम्मेदार मान रही है। लोगों के आक्रोश व नाराजगी को देखते हुए गांव में अभी भी भारी संख्या में पुलिस पर तैनात है।
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