आजमगढ़। जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज की अध्यक्षता में शनिवार की देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने विभिन्न विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि धान की फसल पक चुकी है, शीघ्र ही कटाई शुरू होने वाली है, फसल कटाई के समय इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाए कि कोई भी कृषक फसल अवशेष को न जलाएं, बल्कि उसको सड़ाकर खाद के रूप में प्रयोग करें। फसल अवशेष को जलाने से जहां एक ओर पर्यावरण को नुकसान होता है, वही भूमि की उर्वरा शक्ति भी नष्ट होती है।
जिलाधिकारी ने उप कृषि निदेशक को निर्देश दिया कि कृषकों को प्रचार-प्रसार के माध्यम से जागरूक किया जाए। साथ ही उन्हें पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि जो भी कृषक बंधु कंबाइन हार्वेस्टर से अपने धान की कटाई कराएं, उन मशीनों में सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम अवश्य लगाएं। डीपीआरओ को निर्देशित किया कि समस्त ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि उनके ग्राम में कहीं पराली न जलने पाएं। उन्होंने समस्त एसडीएम को निर्देशित किया कि वह अपने तहसील अंतर्गत इस बात पर विशेष ध्यान दें कि उनके क्षेत्र में पराली जलाने की घटना प्रकाश में ना आए। बैठक में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) आजाद भगत सिंह, एडीएम (प्रशासन) अनिल कुमार मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), जिला विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, समस्त एसडीएम, डीपीआरओ, डीसीओ, सीवीओ आदि उपस्थित थे।