डीएम ने मुबारकपुर के बुनकरों की सुनीं समस्याएं
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आजमगढ़ जिले के थाना समाधान दिवस के अवसर पर शनिवार को मुबारकपुर पहुंचे डीएम रविंद्र कुमार कुछ समय थाने पर रुकने के बाद वे सीधे मोहल्ला कटरा पहुंचे। यहां उन्होंने बुनाई कारखाने का निरीक्षण किया और बुनकरों से बातचीत कर रेशमी साड़ियों के निर्माण की जानकारी ली। बुनकरों की समस्याओं को सुनने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बातचीत का आश्वासन दिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने पावरलूम और हैंडलूम पर तैयार हो रही रेशमी साड़ियों को देखा। बुनकर मजदूर नबी अख्तर ने बताया कि मुबारकपुर में बुनी जाने वाली रेशमी साड़ियां बाजार में बनारसी साड़ी के नाम से जानी जाती हैं। बुनकर कच्चा माल जैसे कतान, रेशम, जरी और तार व्यापारियों से लेते हैं और साड़ी तैयार कर केवल मजदूरी प्राप्त करते हैं।
नबी अख्तर ने बताया कि पावरलूम पर एक साड़ी लगभग पांच घंटे में तैयार हो जाती है, जबकि पूरे दिन की मेहनत के बाद उन्हें लगभग 400 रुपये की मजदूरी मिलती है। वहीं, हैंडलूम पर एक साड़ी तैयार करने में दो लोगों को मिलकर काम करना पड़ता है। इसके बाद जिलाधिकारी बुनकर विपणन केंद्र पहुंचे, जो निरीक्षण के दौरान बंद पाया गया।
केंद्र के बंद रहने पर उन्होंने चिंता व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों से इसे शीघ्र खुलवाने के निर्देश देने की बात कही। बुनकरों ने बताया कि यह केंद्र करोड़ों रुपये की लागत से बना है, जिसमें कुल 130 दुकानें हैं और यह सहायक निदेशक हथकरघा वस्त्रोद्योग के अधीन संचालित होता है।
डीएम ने आश्वासन दिया कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक शशि मौली पांडेय सहित स्थानीय बुनकर उपस्थित रहे।