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डीएम ने ने किया निर्माणाधीन तहसील का निरीक्षण, फिर होगी जांच

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मार्टीनगंज। सुरहन में बन रहे तहसील भवन का डीएम राजेश कुमार ने शनिवार को निरीक्षण किया। तहसील भवन का आवासीय परिसर पैकफेड और अनावासीय परिसर लैकफेड की ओर से बताया जा रहा है। इस दौरान जिलाधिकारी ने एक्सईएन आरईएस को भवन निर्माण में प्रयोग की जा रही सामग्री की सैंपलिग कराने के साथ ही दीवारों पर चढ़ाए गए प्लास्टर की मोटाई की जांच कराने को कहा। इस भवन की तीसरी बार जांच कराई जा रही है। इसके पहले की जांचों का अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है।
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वर्तमान में ब्लाक परिसर में चल रहे तहसील भवन के निरीक्षण के दौरान बीडीओ को निर्देश दिए कि जो खिड़की-दरवाजे और प्लास्टर टूटे हैं उसे ठीक करा परिसर की रंगाई-पुताई कराएं। शौचालय का कार्य 15 दिन में पूर्ण कराएं। पार्किंग के लिए गेट के पास मिट्टी भरवाकर इंटरलॉकिंग करा व्यवस्था कराएं। ब्लाक मार्टीनगंज के सामने जो पार्क है उसे सुव्यवस्थित कराएं। इसके बाद सुरहन में बन रहे नई तहसील, आवास और फायर स्टेशन का निरीक्षण किया। एक्सईएन आरईएस को निर्देश दिए कि भवन निर्माण में लगाई जा रही सामग्री की सैम्पलिंग करा जांच कराएं।
दीवारों के प्लास्टर की मोटाई की भी जांच कराई। कहा कि क्वालिटी में समझौता नहीं किया जाएगा। एसडीएम मार्टीनगंज वागीश कुमार शुक्ला, पीडी अभिमन्यु सिंह, लैकफेड व पैकफेड कार्यदायी संस्था के सहायक अभियन्ता, बीडीओ उपस्थित रहे।
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अधिवक्ताओं ने उठाई समस्याएं
मार्टीनगंज। अधिवक्ताओं ने मार्टीनगंज बाजार में जलभराव की समस्या को जल्द से जल्द दूर करने के लिए आग्रह किया।बताया कि मार्टिनगंज बाजार की स्थापना के बाद से जल निकासी की व्यवस्था आज तक नहीं हुई है। समस्या को जल्द दूर कराने का आश्वासन दिया। महुजा नेवादा गांव में बनने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के भवन को पूर्ण कराने और कुशलगांव में बने बस अड्डे को चालू कराने की मांग की गई। अनुदेशकों ने प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि 2015 में बीएलओ ड्यूटी का पैसा आज तक नहीं मिला।
धन अवमुक्त न होने से अग्निशमन केंद्र लटका
मार्टीनगंज। सुरहन गांव में अग्निशमन केंद्र का 2018 में कार्य शुरू हुआ था। एक वर्ष के अंदर 2019 में ही अग्निशमन केंद्र का निर्माण भी पूरा हो गया। निर्माण के लिए 949. 23 लाख स्वीकृत हुए थे। इसमें 380 लाख रुपए अवमुक्त किए गए। फायर सर्विस के अधिकारियों के रहने के लिए आवास का निर्माण अभी अधर में लटका है। सीएंडीएय के प्रोजेक्ट मैनेजर आनंद प्रकाश ने बताया कि धन नहीं मिलने से कार्य लटका है। डीएम ने धन अवमुक्त कराने के लिए शासन से बात करने को कहा है।
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