दीपावली पर इस बार महंगाई सभी की जेब पर भारी पड़ेगी। अरहर दाल और चीनी आदि कुछ वस्तुओं को छोड़ दें तो सभी खाद्य वस्तुओं की कीमत बढ़ी है। चीनी का आवंटन पिछले साल की तुलना में कम होने के कारण इस बार कोटे की दूकानों से भी चीनी महज 900 ग्राम मिलेगी, जिससे पकवानों की मिठास फीकी होगी।
इस वर्ष समय से अच्छी बारिश होने के कारण न तो फसलों के उत्पादन में कमी आई है और न ही सब्जियों का उत्पाद कम हुआ है। बावजूद इसके, कई तरह की दाल और सब्जियों के दाम में इतना उछाल आया है कि गरीबों की थाली में दाल और सब्जी नसीब नहीं हो रही है।
किराना व्यवसायी बोनी प्रसाद ने बताया कि बड़े-बड़े आढ़तियों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। दूसरे डीजल का दाम बढ़ने के कारण मालभाड़े में हुई वृद्धि से भी दालों के दाम में उछाल आया है। सब्जी व्यवसायी प्रकाश मौर्या का कहना है कि कुछ सब्जियां दूसरे जनपदों से कम मात्रा में आ रही हैं।
स्थानीय सब्जियों की अभी बाजार में आवक नहीं है। दूसरे जिन किसानों के पास ट्यूबवेल है वह उससे सब्जी की खेती करते हैं। डीजल का दाम बढ़ जाने से वह सब्जियों को मनमाने दाम से बेचते हैं। बता दें कि पहले किराना की दूकानों पर बोर्ड रेट लगा रहता था लेकिन कई वर्षों से दूकानों से यह रेट बोर्ड हट गया है। दूकानदारों का कहना है कि कब किस वस्तु का मूल्य बढ़ जाएगा कोई ठीक नहीं।