मुहल्ला पुरानी बस्ती स्थित जामा मस्जिद राजा मुबारकपुर शाह के मैदान में मंगलवार की रात तीन तलाक मामले पर धार्मिक जनसभा हुई। इस दौरान अशरफिया अरबी विश्वविद्यालय मुबारकपुर के मुफ्ती नेजामुददीन रिजवी ने कहा कि तीन तलाक का मामला कुरआन व हदीस से जुड़ा हुआ है जिसमें किसी किस्म की परिवर्तन मुसलमानों को कभी स्वीकार नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि देश के संविधान में भी हर व्यक्ति को अपने धार्मिक विचारधारा के मुताबिक जीवन व्यापन करने की अनुमति दी गई है। इसीलिए किसी के धार्मिक मामले में हस्तक्षेप देश के संविधान में हस्तक्षेप है। उन्होंने कहा कि एक साथ तीन तलाक देना गलत जरूर है और इस्लाम ने इसका सख्त विरोध किया है लेकिन अगर कोई यह गलत काम करता है तो तलाक हो जाएगा। इसके अतिरिक्त मुफ्ती आफाक अहमद कन्नौज, मौलाना मसूद अहमद बरकाती और मौलाना मुहम्मद मेराज खान ने भी संबोधित किया।
अध्यक्षता मौलाना नसीरुद्दीन अजीजी और संचालन मौलाना मुहम्मद जाहिद ने किया। इस मौके पर सूफी नेजामुददीन, कारी जमील अहमद अजीजी, मौलाना साजिद अली मिस्बाही, कारी अब्दुल कयूम मिस्बाही, मौलाना ज्याउद्दीन, मौलाना एसामुददीन, शादान रिजवी, हाजी कमरुल हक, हाजी मुहम्मद जाबिर, मौलाला अफरोज अहमद, हाफिज सलमान, मौलाना अफरोज अहमद, मौलाना महबूब अजीजी और मु. अयूब आदि हजारों लोग उपस्थित थे।