आजमगढ़। परिवहन विभाग अब जिले भर में अवैध रूप से संचालित हो रहे मोटर ट्रेनिंग स्कूलों पर नकेल कसने की तैयारी में जुट गया है। शहर में संचालित हो रहे सभी पंजीकृत स्कूलों को विभाग के सारथी साफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा। यहां से जारी प्रमाणपत्रों को आनलाइन भी किया जाएगा। सारथी साफ्टवेयर से जुड़े स्कूलों से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले आवेदकों को ही आनलाइन सत्यापित प्रमाणपत्रों के आधार पर लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
जिले में वर्तमान में करीब 12 वाहन पंजीकृत ट्रेनिंग स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनका तीन चरणों में सत्यापन कराया जाएगा। पहले चरण में स्कूल में वाहनों में स्थिति, दूसरे में तकनीकी स्थिति को परखा जाएगा। तीसरे चरण में जांच के बाद मानकों पर खरा न उतरने वाले मोटर ट्रेनिंग स्कूलों का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। मानकों पर खरा उतरने वाले स्कूलों के डाटा को सारथी साफ्टवेयर पर आनलाइन फीड करके उन्हें अनुमति जारी कर दी जाएगी। इन स्कूलों में अभी परिवहन विभाग के सभी मानकों का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है। इससे अप्रशिक्षत भी वाहन चलाने का प्रमाण पत्र हासिल कर ले रहे हैं। इसके चलते सड़क हादसों की संभावना अधिक रहती है। एआरटीओ प्रवर्तन संतोष कुमार सिंह ने बताया कि कई जनपदों में यह व्यवस्था लागू हो गई है। अभी यहां होना होना बाकी है। धीरे-धीरे सभी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। बहुत जल्द ही इसे भी ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इस नए व्यवस्था से अवैध रूप से संचालित हो रहे संसाधन विहीन ट्रेनिंग स्कूलों पर कार्रवाई हो सकेगी।