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जिला अस्पताल की नर्सें भी हड़ताल पर

Sat, 03 Sep 2016 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
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हड़ताल
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सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों के विरोध में ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सिंग फेडरेशन के आह्वान पर शनिवार को राजकीय नर्सेस संघ के बैनर तले स्टाफ नर्सों ने जिला अस्पताल परिसर में धरना देकर बेमियादी हड़ताल पर चली गईं। नर्सों की हड़ताल के चलते जिला अस्पताल में इलाज के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाद में सीएमओ के निर्देश अंडर ट्रेनिंग नर्सों ने दोपहर एक बजे से मरीजों की देखरेख में लगाया। तब जाकर मरीजों को दवा देने के साथ इंजेक्शन लगाने का कार्य शुरू हुआ। उधर, धरने पर बैठी नर्सों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती हड़ताल जारी रहेगी।
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बतातें चलें कि नर्सिंग भत्तों को दुगना करने सहित अन्य मांगों को लेकर ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सिंग फेडरेशन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर जिले में स्टाफ नर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गई है। चक्रपानपुर स्थित राजकीय मेडिकल कालेज सुपर फैसिलिटी हास्पिटल की स्टाफ नर्सें हड़ताल पर चली गई थी। शनिवार को भी उनकी हड़ताल जारी रही। इसी क्रम में जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गई।

नर्सों के हड़ताल पर चले जाने के बाद जिला अस्पताल में सुबह से मरीज इंजेक्शन लगवाने के लिए दर-दर भटकते रहे। जब कहीं कोई नहीं मिला तो परिजनों ने इसकी सूचना सीएमओ डा. श्रीकांत तिवारी को दी। इस पर दोपहर एक बजे सीएमओ ने अस्पताल में नर्स की ट्रेनिंग ले रही छात्राओं को लगाया। तब जाकर मरीजों को दवा उपलब्ध हुई और इंजेक्शन लगने के साथ ही अन्य उपचार शुरू हो सका। उधर, अस्पताल परिसर में धरने पर बैठी नर्सों का कहना था कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है हड़ताल समाप्त नहीं होगी। धरने में संघ के अध्यक्ष आरपी यादव, मंत्री उर्मिला, अरविंद, मनोरमा शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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जहानागंज संवाददाता के अनुसार, चक्रपानपुर स्थित राजकीय मेडिकल कालेज सुपर फैसिलिटी हास्पिटल की स्टाफ नर्सें हड़ताल शनिवार को जारी रही। नर्सों की हड़ताल के चलते मरीजों को परेशानी हुई। पीजीआई अधीक्षक डा. दिनेश चंद्रा ने बताया कि मरीजों की परेशानी को देखते हुए अलग से व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि शनिवार को अस्पताल में 1872 मरीजों का उपचार किया गया है। हड़ताल से मरीजों के इलाज में कोई परेशानी नहीं हो रही है। 

ओपीडी में नजर आए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ः शासन ने निर्देश दिया है कि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रतिदिन चार घंटे अस्पताल में मरीजों को देखेंगे। शनिवार को जब जिला अस्पताल में इसकी पड़ताल की गई तो प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. बी राम ओपीडी में बैठे मरीजों को देखते नजर आए। वैसे भले ही जिला चिकित्सालय के अन्य चिकित्सक समय से अपनी ओपीडी में न बैठते हों लेकिन जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ओपीडी में समय से बैठते हैं। जिला अस्पताल का प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक बनने के बाद भी उनकी इस रूटीन में कोई फर्क नहीं आया है।

आज भी वह प्रतिदिन अपनी ओपीडी में बैठकर लगभग 60 से 70 मरीजों के आंखों की जांच करते हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. बीराम ने कहा कि जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी है। जिसके कारण अस्पताल की व्यवस्था के साथ ही उन्हें ओपीडी भी करनी पड़ती है। शासन का यह निर्देश तो अब आया है लेकिन मैं तो प्रतिदिन ओपीडी जरूर करता हूं।
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