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कटान से विस्थापित पीड़ितों ने मुआवजा न मिलने पर किया प्रदर्शन

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शासन-प्रशासन की ओर से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रहने पर गढ़वाल बांध भदौरा पर प्रदर्शन करते ग्र - फोटो : AZAMGARH
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लाटघाट। घाघरा नदी की कटान से देवारा खास राजा गांव के त्रिलोकी का पुरवा के गरीब परिवार जिनका घर घाघरा नदी में कट गया है, उनको 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास दिया गया था। वह भी घाघरा में कटकर विलीन हो गया। पर उनको अभी तक मुआवजे की राशि नहीं दी गई। विस्थापित आज भी सगड़ी तहसील का चक्कर काट रहे हैं। सोमवार को महुला गढ़वाल बांध के भदौरा ढाले पर प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि हमें मुआवजे की राशि नहीं मिली। हम लोगों का घर और खेत दोनों कट गए हैं। गोरखपुर जनपद के विसरा गोला में जाकर जीवन यापन कर रहे हैं। त्रिलोकी का पुरवा के संजय शर्मा, सरवन, राजेंद्र शर्र्मा, भोभल, मीरा को 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास दिया गया था। जो 19 तक बनकर तैयार हो गया और वह एक साल अपने आवास में रहे। 2020 अगस्त में इनका आवास कटकर घाघरा में विलीन हो गया। इतना ही नहीं इनके पास जो जमीन थी वह भी घाघरा में कट गई। खेती करने के लिए कोई जमीन नहीं रह गई है। इसी तरह मुरली के पुरवा के जयराम को 2014-15 में प्रधानमंत्री आवास दिया गया था। इनका मकान घाघरा में विलीन हो चुका है। स्थानीय लेखपाल पंकज कुमार ने बताया कि इनके मकान घाघरा में विलीन हुए हैं। खंडहर में यह लोग रह रहे हैं। वहीं दूसरी जगह रहने वालों में लाल बहादुर, फूल बदन, मुंशीलाल, राजेंद्र, निवास, रामरक्षा, लालचंद आदि भी विसरा गोला में रह रहे हैं जिनके खाते में आवास का लाभ दिया गया है।
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