शरद कालीन गन्ना बोआई को लेकर मंगलवार को आमेपुर गांव में मंगलवार को गन्ना विकास विभाग की ओर से किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में किसानों को शरद कालीन गन्ना की बोआई के साथ सहफसली खेती कर आय वृद्धि की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गन्ना पर्यवेक्षक हरिश्चंद्र यादव ने किया। गोष्ठी में गन्ना की खेती के लिए नई प्रजाति के बीजों को एवं टिशु कल्चर के पौधे लगाकर गन्ने के उत्पादन की जानकारी दी गई। गोष्ठी में गन्ने की शरद कालीन बोआई के लिए लगभग 50 क्विंटल गन्ने के बीज का मांगपत्र किसानों ने प्रस्तुत किया। किसानों ने बताया कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में क्षेत्र में भारी बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी और कुछ खेतो में पानी है, जिससे धान की फसल काटने में परेशानी हो रही है। पर्याप्त नमी के कारण गन्ने की शरद कालीन बोआई में देरी हो रही है।
गन्ना पर्यवेक्षक ने बताया कि इस समय शरद कालीन गन्ने के बीज 14201, 8272 आदि की बोआई सरसों, आलू आदि फसल के साथ करने पर जहां गन्ने का अधिक उत्पादन होता है। वहीं सह फसली खेती करके खेती पर लागत भी कम की जा सकती है। इस मौके पर श्री राम शुक्ला, श्रीकेश वर्मा, धर्मेंद्र वर्मा, जयप्रकाश, अवधेश वर्मा, दिनेश वर्मा, बालचंद वर्मा, विजय वर्मा, फौजदार वर्मा, गयानाथ वर्मा, ठाकुर प्रसाद, रामसमुझ शुक्ला आदि मौजूद रहे।