सगड़ी तहसील के हाजीपुर के पास घाघरा नदी पर हाजीपुर-गोला पुल का निर्माण पांच साल बाद भी अधूरा है। इस पुल को वर्ष 2019 में पूरा हो जाना था। मियाद समाप्त होने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। इस बीच निर्माणाधीन पुल की लागत काफी बढ़ गई। सेतु निगम और पीडब्ल्यूडी ने पुनरीक्षित बजट की मांग की तो शासन ने पुल के निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदारों की रिपोर्ट तलब की है। वहीं सेतु निगम ने पुनरीक्षित बजट की मांग की है।
नवंबर 2017 में 230.87 करोड़ की लागत से 1273.88 मीटर लंबे पुल का निर्माण शुरू हुआ था। पुल के निर्माण पर 115 करोड़, 41 लाख और एप्रोच मार्ग के लिए 115 करोड़, 33 लाख का बजट बना था। पुल का निर्माण मार्च 2019 तक पूरा होना था। लेकिन बजट की कमी से निर्माण रूक गया। कई सालों तक निर्माण रुकने के कारण पुल की लागत बढ़ गई तो कार्यदायी संस्था कीर ओर से 599.52 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित बजट स्वीकृति के लिए शासन को भेजा। बजट के लिए काफी दिन पहले ही कार्यदायी संस्था की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था। शासन की स्वीकृति नहीं मिली और कार्य ठप हो गया। अब शासन की ओर से कार्यदायी संस्था को पत्र जारी किया गया। इसमें पूछा गया है कि कार्य में देरी के लिए कौन जिम्मेदार है इसकी रिपोर्ट तैयार कर भेंजे। कार्यदायी संस्था ने इसका कारण शासन को भेज दिया था। वहीं पुनरीक्षित बजट में पीडब्ल्यूडी के 200 करोड़ रुपये का पेंच फंस गया। इसे देखते हुए सेतु निगम ने अब पीडब्ल्यूडी के बजट को काटकर अपने लिए पुनरीक्षित बजट की मांग की है। ताकि अधूरे का पूरा किया जा सके।