आजमगढ़। जिले के पूर्व डीआईओएस और वर्तमान एडी बेसिक मनोज मिश्रा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। नव जागृति सेवा संस्थान द्वारा इसकी शिकायत शासन स्तर तक की गई। जांच में डीआईओएस पर लगे आरोप सत्य मिले। इस पर शासन ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही शासन ने संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रयागराज दिव्यकांत शुक्ल को जांच सौंपी है।
पूर्व डीआईओएस मनोज कुमार मिश्र के विरुद्ध जमीन घोटाले में एफआईआर दर्ज होने की शिकायत की गई थी, जो जांच में शिकायत सही मिली। जिसमें इनके साथ ही पत्नी और उनके पिता पर धोखाधड़ी सहित कई मामले दर्ज हैं।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एसबी इंटर काॅलेज, तेरही में अध्यापक विनोद कुमार चतुर्वेदी को उच्च न्यायालय द्वारा वेतन नहीं देने के आदेश के बावजूद इनके द्वारा वेतन भुगतान किया गया। जिसके लिए इनको दोषी पाया गया। इतना ही नहीं प्रभारी प्रधानाचार्य, मौलाना आजाद इंटर काॅलेज का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, निर्णय के बाद कार्यवाही होगी। इसके बावजूद भी वेतन भुगतान जुलाई में किया गया और उच्च न्यायालय में अद्यतन काउंटर भी नहीं दाखिल किया गया। जिसके लिए उन्हें दोषी पाया गया।
वहीं उनके द्वारा कार्यालय के पटल सहायकों की मिली भगत से संस्कृत विद्यालयों में विधि विरुद्ध नियुक्तियां की, और लगातार भुगतान किया गया। जिसके लिए इन्हें दोषी पाया गया।
इन अनियमितताओं को देखते हुए डीएम और सीआरओ की जांच आख्या में इन्हें दोषी पाते हुए शासन ने पूर्व डीआईओएस और वर्तमान एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्रा के ऊपर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही अनुशासनिक कार्रवाई की जांच के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रयागराज दिव्यकांत शुक्ल को जांच अधिकारी नामित किया है।
24जेएनडी24: खाद के साथ दी जा रही शीशी को दिखाता हुआ एक किसान। संवाद
24जेएनडी24: खाद के साथ दी जा रही शीशी को दिखाता हुआ एक किसान। संवाद
24जेएनडी24: खाद के साथ दी जा रही शीशी को दिखाता हुआ एक किसान। संवाद