23 सूत्री मांगों को लेकर डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते विकलांग।
विकलांगों, विधवा, गरीबों का नाम बीपीएल सूची में जोड़ने, इनको स्थायी पात्रता की सूची में डालने सहित 23 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को विकलांगों ने जन कल्याण विकलांग सेवा समिति के बैनर तले प्रदर्शन किया। डीएम को ज्ञापन सौंपा। विकलांगों ने गले में रस्सी बांध कहा कि यदि योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकता है तो हमें फांसी दे दी जाए।
प्रबंधक रणविजय चौहान ने कहा कि विकलांगों की समस्याओं को लेकर कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई गई। लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि विकलांगों, विधवाओं को गुजारा के लिए पांच हजार रुपये दिए जाए। वृद्ध और गरीबों को सपा की पेंशन नियमित रूप से दी जाए।
सभी विकलांग, विधवा, गरीब को स्मार्ट कार्ड जारी किया जाए। ग्रामसभा के राशन का कोटा विकलांग महिलाओं को दिया जाए। इसके अलावा प्रदेश के सभी जिलों में विकलांग, विधवा, निराश्रितों दो बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा के लिए महाविद्यालय खोला जाए। साथ ही न्यायालय सहित अन्य सरकारी कार्यालयों में जहां विकलांगों के चढ़ने के लिए रैंप नहीं बना है, वहां रैंप बनावाया जाए। नि:शुल्क बिजली भी दी जाए। कहा कि मांगों को लेकर अधिकारियों के यहां चक्कर काटते-काटते हम थक चुके हैं।
लेकिन विकलांगों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अब हम आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है। यदि मांग पूरी नहीं होती है तो विकलांग कुछ भी करने को बाध्य होंगे। इस अवसर पर रमेश यादव, कमलेश राम, मिठाई राम, सुनिल राम, हरेंद्र चौहान आदि रहे।