रंग महोत्सव की तीसरी शाम जनपद के प्रसिद्ध व्यवसायी मंगलचंद्र अग्रवाल को समर्पित रही। इस शाम ओडिसा से आए मानसिक रूप से अस्वस्थ बच्चों ने फ्यूजन डांस ‘दशावतार’ की शानदार प्रस्तुति कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही यह भी साबित किया कि भले ही वे नि:शक्त हों लेकिन किसी से कम नहीं हैं।
इंडियन रेडक्रास सोसायटी कटक ओडिसा के नि:शक्त बच्चों ने सबका दिल जीत लिया। दूसरी प्रस्तुति के रूप उत्कल संगीत समाज कटक ओडिसा की शीतल, शिवांगी, शुभदर्शिनी, स्वीकृति पंडा, शालिनी मोहंती ने उड़िया लोकनृत्य संभलपुरी प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। तृष्णा ग्रुप छत्तीसगढ़ ने शिव वंदना पर शास्त्रीय नृत्य पेश कर वाहवाही लूटी।
माधव संगीत विद्यालय उड़ीसा की देवी प्रिया मन्ना, देवी स्मिता मन्ना ने लोकनृत्य की प्रस्तुति की। आर ब्वायज डांस ग्रुप मिर्जापुर, एमडीए डांस एकेडमी मिर्जापुर, राकस्टार डांस एकेडमी मिर्जापुर के कलाकारों ने माडर्न डांस की धमाकेदार प्रस्तुति की।
इसके बाद एनसीआर असम द्वारा चंदन बरूआ के निर्देशन में नाटक ‘अग्निघाट’ का जबरदस्त मंचन किया गया। नाटक में आम आदमी को कैसे बड़े लोग अपनी जाल में फंसाते हैं, कलाकारों ने अभिनय से जीवंत किया। नाटक असमी भाषा में होने के बावजूद भी दर्शकों को समझ में आया।
दूसरी नाट्य प्रस्तुति उदयन बाल युवा संस्थान इलाहाबाद द्वारा कृष्ण गोपाल के निर्देशन में मुंशी प्रेमचंद लिखित नाटक ‘सवा सेर गेहूं’ का मंचन किया गया। इसमें कलाकारों ने गरीब किसान शंकर पर साहूकारों और सूदखोरों के उत्पीड़न को बखूबी दर्शाया।
तीसरी प्रस्तुति दी वूमेन चाइल्ड एंड इंटिग्रीटी डेवलपमेंट एसोसिएशन इंफाल मणिपुर द्वारा एच विनोदिनी देवी के निर्देशन में मणिपुरी भाषा में नृत्यनाटिका ‘सत्यवती’ का मंचन किया गया। नाटक में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर बसंत लीला तक का मधुर मंचन किया गया।
इसके पहले तीसरे दिन महोत्सव का शुभारंभ नगरपालिका अध्यक्ष इंदिरा देवी जायसवाल, अभिषेक जायसवाल, अशोक अग्रवाल, आशीष अग्रवाल और नवीन सिंह ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। संस्थान सचिव संतोष श्रीवास्तव और अनीता साइलेस ने सभी आमंत्रित सदस्यों का स्वागत किया।
इस मौके पर ब्रजेंद्र पांडेय, सपना बनर्जी, सीतरात पांडेय, नीलिमा श्रीवास्तव, विजय लक्ष्मी मिश्रा, रमाकांत वर्मा, डा. जेआर विश्वकर्मा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सुनील दत्त विश्वकर्मा ने किया।