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जांच कमेटी गठित करने का निर्देश

Tue, 20 Dec 2016 11:54 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
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चीनी मिल सठियांव में समीक्षा बैठक के दौरान प्रबंध निदेशक वीके यादव, अपर जिला अधिकारी, प्रधान प्रबंधक और इसजेक कंपनी के अधिकारी।
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दि किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव के घाटे की तरफ जाने की सूचना पर सोमवार को प्रबंध निदेशक वीके यादव चीनी मिल पहुंचे। देर शाम उन्होंने मिल परिसर में संचालक मंडल और प्रबंधन तंत्र के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने मिल के प्रधान प्रबंधक बीके अबरोल को जांच कमेटी गठित करने का निर्देश दिया। साथ ही संचालक मंडल दल को भरोसा दिलाया कि मिल को हुए नुकसान की भरपाई संबंधित कंपनी से नियमानुसार की जाएगी।
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   बताते चलें कि सठियांव चीनी मिल के घाटे की ओर जाने की सूचना को अमर उजाला ने प्रकाशित किया था। इस खबर के प्रकाशन के बाद मिल प्रबंधन तंत्र में हड़कंप मचा हुआ है। जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच एडीएम वित्त को सौंपी है। वहीं प्रकरण की जांच के लिए सोमवार को प्रबंध निदेशक वीके यादव सठियांव चीनी मिल पहुंचे। सोमवार की देर शाम उन्होंने मिल परिसर में मिल प्रबंधन तंत्र और संचालक मंडल के साथ समीक्षा बैठक की।

  समीक्षा बैठक में जब उपसभापति पराग यादव ने प्लांट यूटीलाइजेशन यानि मिल क्षमता पर फोकस किया तो संस्था के लोग बगले झांकने लगे। मिल की पेराई क्षमता 35 हजार कुंतल है और शुभारंभ के एक महीने बाद भी 30 हजार कुंतल से ज्यादा गन्ने की क्रसिंग नहीं हुई। प्रबंध निदेशक ने जब मामले को संज्ञान में लिया तो खुलासा हुआ कि तीन लाख कुंतल गन्ने का नुकसान हुआ है। पूरी क्षमता से मिल चलती तो सोमवार तक 10 लाख 50 हजार कुंतल गन्ना क्रस होता। मिल घाटे में जाने का यह एक बड़ा कारण है। प्रबंध निदेशक ने अनलोडर, फीडर और जनरेटर को तत्काल प्रभाव से ठीक कराने के साथ मंगलवार तक कर्मचारियों की सूची उपलब्ध  कराने का निर्देश संस्था के अधिकारियों को दिया।
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  उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से पूछा कि मिल पूरी क्षमता से कब चलेगी। उस पर इसजेक कंपनी के अधिकारी ने 23 दिसंबर का दिन सुनिश्चित किया। प्रबंध निदेशक ने विभिन्न कारणों से 92 घंटे की बंदी और फैक्ट्री के नुकसान के आकलन के लिए प्रधान प्रबंधक वीके अबरोल को फेडरेशन से कमेटी गठन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मिल कुशल कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी है जिसकी पूरी जिम्मेदारी इसजेक की है।

समीक्षा बैठक के दौरान डायरेक्टर रामअवध यादव ने प्रबंध निदेशक वीके यादव को बताया कि क्रय केंद्रों पर तौल लिपिकों की मिली भगत से दलाल 200 रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से गन्ना खरीद रहे हैं। नोट बंदी और सप्लाई पर्ची न मिलने के कारण किसान औने पौने दामों पर गेहूं बोने की जल्दबाजी में गन्ना बेच रहे हैं। उप सभापति पराग यादव ने इसकी पुष्टि करते हुए प्रबंध निदेशक से कार्रवाई करने का आग्रह किया।  इस मौके पर प्रधान प्रबंधक वीके अबरोल, मुख्य गन्ना अधिकारी बीपी पांडेय, एडीएम वित्त एवं राजस्व वीके गुप्ता, मिल के सलाहकार डा. सुल्तान अहमद आदि उपस्थित थे।
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