अप्रैल के शुरुआती दिनों में ही चमड़ी झुलसा देने वाली धूप और रात में उमस से लोग बेहाल हैं। पिछले एक सप्ताह से जिले का तापमान चढ़ना शुरू हुआ है। मंगलवार को अधिकतम पारा 39 तक पहुंच गया। गर्म हवाओं के थपेड़ों ने दोपहर में लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया है। कड़ी धूप के चलते सुबह आठ बजे के बाद ही बाहर निकलना मुश्किल जा रहा है। शाम को पांच बजे के बाद मौसम में नरमी आ रही है। लोगों का कहना है कि जब अप्रैल में ये हाल है तो मऊ और जून का क्या होगा।
दो दिनों से गर्मी कुछ ज्यादा ही पड़ रही है। एक दिन पहल े ही जिले का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियत था। एक दिन में पांच डिग्री तापमान का इजाफा हुआ है। मंगलवार को अचानक गर्मी बढ़ने से लोग बेहाल दिखे। लगातार बढ रहे तापमान से दोपहर के समय राहगीरों की संख्या कम दिखने लगी है।
लोगों के हलक सूखने लगे है, असर है कि खेती किसानी भी प्रभावित होने लगी है। मंगलवार को ना के बराबर राहगीर सड़क पर दिखे। नगर क्षेत्र में प्याऊ की व्यवस्था न होने के कारण राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग पूरा शरीर ढंककर ही बाहर निकले। रिक्शा चालक पेड़ों की छांव में सवारी का इंतजार करते दिखे। रोज धमाचौकड़ी मचाने वाले बंदर भी नजर नहीं आ रहे। पशु पक्षियों को गर्मी से परेश्ाान होते देखा गया। छांव और पानी की तलाश में भटकते दिखे।