आजमगढ। रोडवेज बसों के गति पर नियंत्रण व डीजल चोरी पर लगाम को लेकर लगातार कवायद विभाग कर रहा है। गति पर नियंत्रण व लोकेशन को लेकर जीपीएस जहां पहले ही लगायी जा चुकी थी तो वहीं अब डीजल चोरी पर लगाम के लिए आरएफआईबी रिंग लगायी गई है। आजमगढ़ परिक्षेत्र में आने वाले सभी डिपो के कुल 403 बसों में अब यह रिंग लग चुकी है।
बसों को तेज गति से चलाने पर रोक लगाने, ढाबे पर रोकने, डीजल चोरी पर नियंत्रण करने आदि के लिए रोडवेज प्रबंधन नित नये अत्याधुनिक सिस्टम अपना रहा है। लगभग डेढ साल पूर्व ही सभी बसों को जहां जीपीएस सिस्टम से जोड़ा जा चुका था तो वहीं अब डीजल चोरी पर लगाम को लेकर टंकी पर आरएफआईबी रिंग लगायी गई है। इसके तहत डीजल टंकी के मुंह पर ही एक रिंग डाल दी गई है। जिस पर एक सेंसर लगा हुआ है। जिस बस के डीजल टंकी पर रिंग लगी है, रोडवेज प्रशासन अपनी टंकी से उसी बस में ही डीजल भर रहा है। जीपीएस के माध्यम से रोडवेज प्रशासन को इस बात की जानकारी मिलती है कि कौन सी बस कितनी स्पीड से चल रही है। कहा किस ढाबे पर रूकी, कितनी देर रूकी की जानकारी होती है। इसके पश्चात बसो में गति पर नियंत्रण के लिए डिवाइस लगाई गई। अब बस डिपो के डीजल पंपों पर डीजल की चोरी रोकने की योजना के तहत एक और नई अत्याधुनिक डिवाइस आरएफआईबी रिंग लगायी गई है। इस रिंग के माध्यम से विभाग को इस बात की भी जानकारी हो जायेगी कि टंकी का ढक्कन कितनी बार खोला गया। इसके साथ ही यह डिवाइस यह भी बतायेगी कि इंजन में क्या कमी है। ताकि कमी को समय रहते ही दूर कर लिया जाये। क्षेत्रीय प्रबंधक पीके तिवारी ने बताया कि परिक्षेत्र के सभी 403 बसों में नई डिवाइस लग गई है। यह डिवाइस यह भी जानकारी देगी कि बस के चलने पर कितना धुंआ निकल रहा है। डिपो में बस के पहुंचते ही सेंसर को स्कैन कर पूरा डाटा देखा जा सकता है।