आजमगढ। नवरात्र के छठें दिन रविवार को लॉकडाउन के कारण मंदिरों में भक्त नहीं पहुंचे। फिर भी कुछ भक्तों ने भोर में ही मंदिरों में पहुंच मां के दर्शन-पूजन किए। लेकिन सुबह नौ बजे के बाद मंदिरों में एक भी श्रद्धालु नहीं दिखे। लॉकडाउन के कारण भक्तों ने घरों में ही मां कात्यायनी की पूजा-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
तेजी से फैल रहे कोरोना महामारी को देखते हुए यूपी की सरकार ने पूरे प्रदेश में वीकेंड लॉकडाउन का निर्णय लिया है। जिसके क्रम में रविवार को नवरात्र के छठवें दिन पूरे जिले में मंदिरों में भक्तों की कम ही भीड़ देखने को मिली। कुछ भक्तों ने भोर में ही मंदिरों में पहुंच मां के दर्शन-पूजन किए। हांलाकि मंदिरों के गेट बंद होने के कारण भक्तों ने बाहर से ही मां की आराधना की। लॉकडाउन के कारण अधिकतर भक्तों ने घरों में ही रहकर मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं घंटा-घडियाल की आवाज से गूंजते रहा।
गोरिया बाजार संवाददाता के अनुसार वासंतिक नवरात्र के छठवें दिन मां भगवती के छठें रूप मां कात्यायनी देवी की आराधना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा है। बता दें कि महराजगंज विकास खंड के मंदरेपुर गांव स्थित मां कात्यायनी देवी का मंदिर सदियों से क्षेत्रवासियों की आस्था का केंद्र है। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से मां कात्यायनी के दरबार में मांगी कई मुराद अवश्य पूरी होती है। शादी विवाह आदि शुभ अवसर के बाद क्षेत्र के लोग यहां आकर कड़ाही चढ़ाते हैं। लेकिन रविवार को लॉकडाउन के कारण मंदिर में कम संख्या में भक्त पहुंचे।