डिप्टी सीएम ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने गरीबों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ते हुए 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का काम किया है। शिक्षा के क्षेत्र में आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय की स्थापना इसका बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य बन चुका है, जहां हर मंडल में कम से कम एक विश्वविद्यालय और हर जनपद में मेडिकल कॉलेज की दिशा में ठोस कार्य हुआ है।
उन्होंने ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना से प्रदेश में आर्थिक क्रांति आई है, लेकिन सरकार का लक्ष्य यहीं तक सीमित नहीं है। गांवों के विकास से ही शहर, जनपद और प्रदेश का समग्र विकास संभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 13 वर्षों के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है।
उन्होंने कहा कि पहले देश हताशा, निराशा, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, नक्सलवाद और तुष्टिकरण की राजनीति में उलझा हुआ था, लेकिन आज भारत संभावनाओं का देश बन चुका है। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत अपनी विरासत पर गर्व कर रहा है। दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है और इसमें उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका है। 2047 तक विकसित भारत बनाने में अब केवल 21 वर्ष शेष हैं।
युवाओं को आगे बढ़ने की जरूरत है। सरकार, समाज और संगठन उनके साथ हैं, उन्हें अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए कभी अकेलापन महसूस नहीं होगा। इस अवसर पर क्षेत्रीय संयोजक गोरखपुर सहजानंद राय, महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार, अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अनन्तानन्द सरस्वती (राजगुरु मठ पीठाधीश्वर, काशी) सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन, शिक्षाविद् और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।