फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानसून भरोसे धान की खेती

Thu, 02 Jun 2016 11:30 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
विज्ञापन
सिंचाई संकट
विज्ञापन
धान की रोपाई का मौसम करीब है और राजकीय नलकूपों की हालत जर्जर है। कहीं यांत्रिक दोष तो कहीं विद्युत दोष के कारण नलकूप बंद पड़े हैं। कई तो ऑपरेटर न होने के कारण बंद पड़े हैं। ऐसे में धान की रोपाई किस प्रकार होगी, इसकी चिंता किसानों केे खाए जा रही है। ऐसा लगा रहा है कि इस बार भी मानसून के भरोसे धान की खेती     की जाएगी।
विज्ञापन


जनपद में स्थित 483 राजकीय नलकूपों में से वर्तमान में लगभग 40 किसी न किसी वजह से खराब हैं। जिले के सभी राजकीय नलकूपों को चलाने की जिम्मेदारी 120 ऑपरेटरों के जिम्मे हैं। एक ऑपरेटर के पास कई ट्यूबवेलों का चार्ज है। वहीं, अगर ब्लाकों में लगे राजकीय नलकूपों की स्थिति पर गौर करें तो सबसे अच्छी हालत में कोयलसा, पवई और फूलपुर ब्लॉक है। फूलपुर में एक, पवई में 17 और कोयलसा में 17 राजकीय नलकूप हैं।

वर्तमान समय में सभी नलकूप ठीक ढंग से संचालित हो रहे हैं। वहीं, सबसे खराब हालत मार्टीनगंज में लगे राजकीय नलकूपों की है। ब्लॉक क्षेत्र में लगे तीन नलकूपों में तीनों बंद चल रहे हैं। एक नलकूप पर ऑपरेटर नहीं है तो वनगांव में लगे नलकूप की बिजली बिल न जमा होने से कनेक्शन कटा है। पल्हना ब्लॉक में एक भी राजकीय नलकूप नहीं है। कुंभ गांव में नलकूप की बोरिंग खराब है। इन गांवों में किसानों के सामने सबसे ज्यादा सिंचाई के लिए पानी का संकट है।
विज्ञापन


जनपद में कृषि क्षेत्रफल तीन लाख हेक्टेअर है। दो लाख 86 लाख हेक्टेअर क्षेत्रफल सिंचित है। सिंचाई के लिए 77 प्रतिशत किसान ट्यूबवेलों पर निर्भर हैं। जिसमें से 25 प्रतिशत विद्युत से संचालित और 52 प्रतिशत डीजल पंपिंग सेटों से सिंचाई पर निर्भर है। विद्युत ट्यूबवेलों में लगभग साढ़े तीन प्रतिशत किसान राजकीय नलकूपों से सिंचाई पर निर्भर हैं।  - बसंत दुबे, जिला कृषि अधिकारी 

जिले में कुल 483 राजकीय नलकूप हैं। 16 नलकूप खराब हैं। पांच नलकूप यांत्रिक और 11 नलकूप विद्युत दोष के कारण बंद पड़े हैं। 15 दिनों के अंदर इनकी मरम्मत कर चालू कर दिया जाएगा। 40 खराब नलकूपों में ज्यादातर बेकार हैं।  - एसपी सिंह, नलकूप खंड के अधीक्षण अभियंता
विज्ञापन


ब्लॉक        नलकूप    स्थिति
मुहम्मदपुर    07    एक खराब
जहानागंज    13    तीन खराब
महराजगंज    162    जांच नहीं
मार्टीनगंज    03    तीनों खराब
तहबरपुर    06    चार खराब
अहरौला    12    दो खराब
पवई    17    सभी ठीक
मिर्जापुर    09    पांच खराब
कोयलसा    17    सभी ठीक
अजमतगढ़    53    दो खराब
ठेकमा    10    तीन खराब
लालगंज    02    एक खराब
हरैया    80    10 खराब
सठियांव    37    चार खराब
रानी की सराय    13    आंकड़े नहीं
अतरौलिया    32    एक खराब
बिलरियागंज    36    जांच नहीं
मेंहनगर    06    एक खराब
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें