आजमगढ़। कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने शुक्रवार को मनरेगा कंवर्जेंस से प्राप्त प्रस्तावों और स्वीकृति की समीक्षा की। कहा कि सभी विभाग प्रस्ताव तत्काल डीसी मनरेगा को उपलब्ध करा दें। कार्य 15 जून से प्रारंभ करना है। शिथिलता पाई गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। लॉकडाउन में जो निर्माण कार्य बाधित हो हैं या शुरू नहीं हो सके हैं, सभी परियोजनाओं पर तत्काल निर्माण शुरू कराने को कहा।
लघु सिंचाई विभाग की ओर से अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं उपलब्ध कराया गया है। अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई बैठक में उपस्थित भी नहीं थे। इस पर मंडलायुक्त ने उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। वन विभाग ने भी न प्रस्ताव दिया और न वन संरक्षक उपस्थित थे। उन्हें भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए। आजमगढ़ में कई विभागों से प्रस्ताव में कमी मिलने पर असंतोष जताया। पौधरोपण के लिए जनपद मऊ और बलिया में गड्ढा खुदाई कार्य की प्रगति खराब मिलने पर नाराजगी जताई। कहा कि गड्ढों की खुदाई 30 जून तक अनिवार्य रूप पूर्ण करानी है। बलिया में 19 और मऊ में 22 ऐसी ग्राम पंचायतें हैं, जहां अभी तक मनरेगा के तहत कार्य शुरू नहीं कराए गए हैं। मनरेगा में विलंबित भुगतान आजमगढ़ और बलिया में अधिक पाए जाने पर भी असंतोष जताया। संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. एनएल यादव, संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा एपी वर्मा, उप निदेशक पंचायत राम जियावन, सचिव आजमगढ़ विकास प्राधिकरण बैजनाथ, अधीक्षण अभियंता लोनिवि आरएन दास, तीनों जनपद के डीसी मनरेगा उपस्थित थे।