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कृषि कानून को रद्द करने की मांग, सरकारी विरोधी लगाए नारे

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सरायमीर। पूरे प्रदेश में जंगलराज है। चारों तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला है। नहरों में पानी नहीं है। किसानों को फसलों की रोपाई करने में दिक्कत हो रही है। लेकिन सरकार मस्त है। सरकार को जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कृषि कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की। उक्त बातेें किसान नेता राजनेत यादव ने खानपुर स्थित ठकुरी पृथ्वी नेशनल स्कूल परिसर में बुधवार को किसान पंचायत में कही। उन्होंने कहा कि किसान अपना गेहूं एमएसपी पर न बेच कर कौड़ियों के दाम पर बेचने को मजबूर है। गेहूं केंद्र से तरह-तरह के बहाने बनाकर किसानों को लौटा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कृषि कानून बनाकर पूरे देश के किसानों व मजदूरों को बंधुआ मजदूर बनाने की साजिश कर रही है। उन्होंने सरकार से काले कृषि कानून को तत्काल रद्द करते हुए दिल्ली में धरने पर बैठे किसानों की मांगों को पूर्ण करने की मांग की। इस अवसर पर टुनमुन मौर्य, चंद्रेश यादव, प्रमोद कुमार, राम भुवन प्रजापति, राम विनय यादव, जय शंकर, यादवेंद्र पटेल, बृजेश यादव, गुल्लू, रमेश यादव, सूर्यभान यादव, प्रमोद पांडेय आदि मौजूद रहे। संचालन राहुल पांडेय ने किया।
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