पूर्व सांसद को ज्ञापन सौंपते सराय रानी रेलवे विकास संघर्ष समिति के लोग। संवाद
सराय रानी रेलवे स्टेशन को दोबारा पूर्ण स्टेशन का दर्जा देकर सिटी स्टेशन बनाए जाने की मांग तेज हो गई है। सराय रानी रेलवे विकास संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मंगलवार को पूर्व सांसद एवं भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष नीलम सोनकर को ज्ञापन सौंपा।
इसमें स्टेशन पर यात्री सुविधाएं बहाल करने, मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव शुरू कराने और परिसर की नियमित साफ-सफाई कराने की मांग की। पूर्व सांसद ने समिति के सदस्यों को उनकी मांगें रेलवे मंत्री तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।
समिति के अमरजीत यादव और अजय सैनी ने बताया कि आजमगढ़-शाहगंज रेलमार्ग पर शहर से करीब सात किलोमीटर दूर स्थित सराय रानी स्टेशन ब्रिटिश काल से संचालित होता रहा है। वर्ष 2023 में इसे हाल्ट में तब्दील किए जाने के बाद क्षेत्र के यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासी लंबे समय से इसे सिटी स्टेशन का दर्जा देने और प्रमुख ट्रेनों का ठहराव कराने की मांग कर रहे हैं। समिति ने बताया कि स्टेशन के आसपास कई ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन स्थल हैं।
समिति ने आजमगढ़ से लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर समेत प्रमुख शहरों के लिए सराय रानी होकर इंटरसिटी ट्रेन चलाने की भी मांग की। ज्ञापन देने वालों में विष्णु पटवा, रामहित राजभर, बृजबिहारी वर्मा, पप्पू यादव, रजनीश बरनवाल, महेश वर्मा और अमन सैनी शामिल रहे।