उन्होंने पुलिस से बात की तो उन्होंने उसके चालान की बात कही। इसके अगले ही दिन उसकी मौत हो जाती है और पुलिस बिना सूचना दिए ही उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज देती है। उसके मरने बाद उसके ऊपर जिस तरह के आरोप लग रहे हैं। उससे उसकी आत्मा तड़प रही होगी। जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता उसकी आत्मा तड़पती रहेगी।
सनी के पिता हरिकांत राम मोबाइल में उसकी तस्वीर देखते हुए काफी भावुक नजर आए। उन्होंने पुलिस की रिपोर्ट पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पायजामा का नाड़ा कितना मजबूत था कि वह 70 से 80 किग्रा वजन संभाल लिया। जो एक संदेह खड़ा करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे बेटे ने आत्महत्या नहीं की पुलिस ने उसकी हत्या की है। विपक्षियों से पैसा लेकर उसने हत्या को आत्महत्या का रूप दिया। हमें उसका चेहरा तक देखने नहीं दिया गया। अब तक बेटे को न्याय दिलाने की बात तो दूर कोई हमसे बात करने तक नहीं आया।
हम चाहते हैं कि इस घटना की सीबीआई जांच हो ताकि हमें न्याय मिल सके। हमें थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चाहिए। ताकि पता लग सके कि घटना किस प्रकार हुई।
सनी की मौत की खबर के बाद से उसकी मां कुसुम और दादी की तबियत खराब हो गई है। घर पर ही चिकित्सक द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है। वहीं गांव की महिलाएं उन्हें ढांढस देने पहुंच रही हैं। गांव के लोगों का भी उनके दरवाजे पर आना जाना लगा हुआ है।
बसपा प्रदेश ने की 50 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी की मांग
घटना के बाद उमरीश्री गांव में ने बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल का सनी के घर आगमन हुआ। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ढांढ़स बंधाया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि परिवार को पुलिस कार्रवाई पर भरोसा नहीं है इसलिए इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
गांव में पुलिस व पीएसी तैनात
आजमगढ़ के उमरीश्री गांव में सनी की मौत के बाद हुए बवाल को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से चौंकन्ना है। राजनीतिक दलों का भी उसके घर आना जाना लगा हुआ है। इसके लिए प्रशासन की ओर से सनी के घर के पास पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई है।