देवारा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर सोमवार को देवारा विकास सेवा समिति के बैनर तले कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड के सामने धरना दिया गया।
समिति पदाधिकारियों और क्षेत्रीय लोगों ने देवारा में तहसील, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज और 100 बेड के आधुनिक अस्पताल की स्थापना की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
समिति अध्यक्ष रामकेदार यादव ने कहा कि आजादी के दशकों बाद भी देवारा के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इसे विकास की मुख्यधारा से जोड़ना अब राजनीतिक नहीं, बल्कि बुनियादी जरूरत है।
प्रयास सामाजिक संगठन के अध्यक्ष रणजीत सिंह और सचिव इंजीनियर सुनील यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से गरीब परिवारों के बच्चों और विशेषकर बेटियों को परेशानी होती है।
जिलाध्यक्ष सोनू यादव ने कहा कि गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में ग्रामीणों को करीब 35 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। देवारा में 100 बेड का आधुनिक अस्पताल जरूरी है।
जिला सचिव हरेंद्र यादव ने कहा कि तहसील संबंधी कार्यों के लिए ग्रामीणों को करीब 40 किलोमीटर दूर सगड़ी जाना पड़ता है। समिति ने परशुरामपुर में प्रस्तावित तहसील का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग की।
साथ ही चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन को व्यापक किया जाएगा। धरने में संतोष यादव, बलजीत यादव, साधू पहलवान, शुभम यादव, राजू मिश्रा, विजयशंकर यादव, विमला यादव एडवोकेट, हौसिला राजभर, पुजारी राजभर, रविप्रकाश, दूखनाथ वर्मा, संजय राजभर, हनुमान यादव, संजय कुमार, उदयराज, राजेश चौहान, ओमप्रकाश यादव, बृजराज आदि रहे।