सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तरी छोर पर बहने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार तीन दिनों से जलस्तर में कमी आ रही है। इससे जहां देवारावासियों ने राहत की सांस ली है। वहीं घाघरा नदी के किनारे बसने वाले लोग घाघरा की कटान से दहशत में हैं।
घाघरा नदी अपने किनारे के गांव और उरदीहा, सहबदिया और देवारा खास राजा के झगरहवा का पूरा में कटान कर रही है। झगरहवा पूरा में जाने वाले संपर्क मार्ग जिसका निर्माण मनरेगा द्वारा कराया गया था, इसे नदी इस समय काट रही है, जिसे आवागमन बाधित हो रहा है। अब तक 4 लोगों का मकान घाघरा नदी में विलीन हो चुका है 13 लोगों का मकान अभी बचा हुआ है। इनके आवागमन के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नदी की कटान के भय से यह लोग अपना सामान वहां से उठाकर कहीं अन्यत्र जा रहे हैं। बाढ़ का पानी हटने के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रास्तों पर कीचड़ फैला हुआ है इसलिए लोगों को आवागमन की परेशानी हो रही है। रास्ते भी जगह-जगह टूटे हुए हैं।
बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी सक्रिय हैं। स्वास्थ्य विभाग से लेकर राजस्व विभाग के सभी कर्मचारी चौकियों पर उपस्थित होकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का निदान कर रहे हैं। बाढ़ चौकी हाजीपुर पर तैनात फार्मासिस्ट विजय कुमार मिश्र ने बताया कि सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के नॉर्मल मरीज आ रहे हैं। जिनको दवा दी जा रही है।
बदरहुंआ नाले पर रविवार की शाम नदी का जलस्तर 71.12 मीटर था जो सोमवार को 24 सेमी घटकर 70.88 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर है। डिघिया नाले पर रविवार की शाम नदी का जलस्तर 70.34 मीटर था जो सोमवार को 28 सेमी घटकर 70.06 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर है।