आजमगढ़। कुलाधिपति व प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को कहा कि आज सबको सरकारी नौकरी चाहिए। लेकिन, पढ़ाई करने वाले हर किसी को कोई नौकरी नहीं दे सकता है। इसलिए सरकार की ओर से अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। अब आपको तय करना है कि आप रोजगार मांगने वाले बनेंगे कि रोजगार देने वाले। जब तक स्वयं काम नहीं करोगे, लक्ष्य हासिल नहीं होगा। राज्यपाल जहानागंज क्षेत्र के आजम बांध स्थित महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय के पहला दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रही थीं।
इस दौरान 83 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल और उपाधि प्रदान की गई। इसमें 18 को कुलाधिपति मेडल और 65 मेधावियों को कुलपति मेडल दिया गया। इसमें 18 को डबल मेडल दिए गए। मेडल पाने वालों 2023 के 41 और 2024 के 42 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। मेडल पाने वालों में छात्राओं की संख्या में अधिक रही। 2023 के जिन 41 विद्यार्थियों को मेडल प्रदान किया गया, उसमें 14 छात्र और 27 छात्राएं शामिल हैं। 2024 में जिन 42 विद्यार्थियों को मेडल दिया गया, उनमें पांच छात्र और 37 छात्राएं शामिल हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को भी प्रशस्ति पत्र व किट बैग देकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि मेडल पाने वाले मेधावियों में 75 प्रतिशत छात्राएं और 25 प्रतिशत छात्र हैं। इसके लिए छात्राओं को बधाई देती हूं कि उच्च शिक्षा में उनकी संख्या बढ़ रही है। पहले मां बाप छात्राओं को उच्च शिक्षा दिलाने से परहेज करते थे। आज लड़कियां मां-बाप और समाज से लड़कर आगे बढ़ रही हैं। कहा कि जब किसी सरकारी विद्यालय में जाती हूं तो छात्राओं की संख्या अधिक और छात्रों की संख्या कम दिखती है। क्योंकि लोग लड़कों को 30 से 35 हजार की फीस देकर अच्छे विद्यालयों में पढ़ाते हैं, लड़कियों को सरकारी विद्यालयों में भेजते हैं। अगर संस्कार देने वाली मां व बेटी को बेइज्जत करोगे तो संस्कार कहां से आएगा। हर बच्चे का अधिकार है पढ़ने का और जीवित रहने का। मैं प्रदेश के एक जिले का सरकारी आंकड़ा बता रही हूं कि पिछले 15 महीने में 431 बच्चे मां के पेट में ही मर गए। सरकार माताओं को खाने के लिए पैसे दे रही है। इसके बाद भी पता नहीं क्या हो रहा है। आज लोग जाति की बात करते हैं लेकिन मैं किसी जाति को नहीं मानती, हमारी एक ही जाति है हम भारत माता की संतान हैं। मुख्य अतिथि भटिंडा पंजाब यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी रहे। कार्यक्रम के विशेष अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय व उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. रजनी तिवारी रहीं।