सरकारी अभिलेखों में मृत हो चुके एक व्यक्ति को चकबंदी अधिकारी फूलपुर ने साक्ष्यों के आधार पर जीवित कर दिया। अब पीड़ित ने जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को पत्र भेजकर 27 करोड़ मुआवजे की मांग की है।
दीदारगंज थानाक्षेत्र के सुरहन गांव निवासी फिरतू राजभर को 16 सितंबर 1988 को जीवित रहते हुए सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया गया था। इसकी जानकारी होने पर पीड़ित ने मृतक संघ के बैनर तले अपनी लड़ाई शुरू की। लंबे संघर्ष के बाद न्यायालय चकबंदी अधिकारी फूलपुर ने 16 सितंबर 1988 के आदेश को निरस्त करते हुए साक्ष्यों के आधार पर फिरतू को सरकारी अभिलेखों में जीवित कर दिया। लेकिन दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। मृतक संघ के अध्यक्ष लालबिहारी मृतक ने कहा कि सरकार जीवित मृतक और धोखाधड़ी के प्रकरणों की जांच कराए तो हजारों ऐसे मामले सामने आ जाएंगे।